अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को रोकने के लिए इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग अब चौथे हफ्ते में पहुंच गई है। इन सब के बीच हाल की कुछ रिपोर्टों में इशारा किया गया कि जंग रोकने को लेकर यूएस और ईरान के बीच बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि करने से व्हाइट हाउस ने इनकार कर दिया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट से संपर्क कर पूछा कि कुछ रिपोर्टों के मुताबिक क्या अमेरिका के शीर्ष अधिकारी इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
इस पर लेविट ने कथित तौर पर कहा, “ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं और अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा। यह एक बदलती हुई स्थिति है और मुलाकातों के बारे में लगाए जा रहे अंदाजों को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कि व्हाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न कर दी जाए।”
पाकिस्तान में बातचीत को लेकर क्या रिपोर्ट आईं?
लेविट की यह टिप्पणी कुछ प्रकाशनों में अधिकारियों के हवाले से आई उन खबरों के बाद आई, जिनमें कहा गया था कि पिछले महीने शुरू हुए ईरान-अमेरिका युद्ध को समाप्त करने पर बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है।
जहां रॉयटर्स ने एक पाकिस्तानी अधिकारी और एक दूसरे सूत्र का हवाला दिया, वहीं टाइम्स ऑफ इजरायल ने चैनल 12 का हवाला देते हुए एक अनाम इजरायली अधिकारी के हवाले से कहा कि ईरान और अमेरिका इस हफ्ते के आखिर में इस्लामाबाद में बातचीत के लिए मिल सकते हैं।
इजरायली पब्लिकेशन ने बताया कि वैंस के अलावा, शांति मिशनों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ तेहरान से आने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
खास बात यह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को कहा कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की और इस क्षेत्र में शांति लाने में इस्लामाबाद की मदद का वादा किया।
क्या ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत हुई?
इस जंग के बीच सोमवार को समाधान की कुछ उम्मीद तब जगी जब डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान किसी समझौते के लिए उत्सुक है और कुशनर-विटकॉफ ने रविवार को एक ईरानी नेता के साथ बातचीत की थी।
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने उस नेता का नाम नहीं बताया, लेकिन ईरान के मोहम्मद बाघर गालिबफ ने बाद में उनके दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई बातचीत नहीं हुई थी।
ईरानी नेता ने एक्स पर अपनी पोस्ट में आगे कहा, “और फेक न्यूज का इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने और उस दलदल से निकलने के लिए किया जाता है, जिसमें अमेरिका और इजरायल फंसे हुए हैं।”





