भारतीय किचन में देसी घी और सरसों का तेल दोनों ही पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होते आए हैं।
भारतीय रसोई में देसी घी और सरसों का तेल, दोनों का ही सदियों से बहुत महत्व रहा है, लेकिन जब बात हमारे दिल की सेहत की आती है, तो अक्सर यह उलझन रहती है कि खाना पकाने के लिए किसे चुना जाए। कुछ लोग घी को दिल के लिए नुकसानदायक मानते हैं, तो कुछ इसे सेहत का खजाना कहते हैं।
इस उलझन को दूर करने के लिए एशियन हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ. एल.के. झा ने कुछ जरूरी बातें शेयर की हैं। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि आपकी हार्ट हेल्थ के लिए क्या बेहतर है।
देसी घी
आयुर्वेद में देसी घी को बहुत गुणकारी माना गया है। यह शरीर को ऊर्जा देता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
- पोषक तत्व: घी में विटामिन A, D, E और K जैसे जरूरी फैट-सॉल्यूबल विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं।
- नुकसान का कारण: घी में मुख्य रूप से ‘सैचुरेटेड फैट’ होता है। डॉक्टर के अनुसार, अगर आप जरूरत से ज्यादा घी खाते हैं, तो यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर बढ़ा सकता है, जो धीरे-धीरे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।
- डॉक्टर की सलाह: देसी घी पूरी तरह से खराब नहीं है। अगर आपकी लाइफस्टाइल एक्टिव है (यानी आप अच्छी खासी शारीरिक मेहनत करते हैं), तो दिन भर में 1 से 2 चम्मच घी का सेवन आपको फायदे ही देगा।
सरसों का तेल
उत्तर और पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सरसों का तेल, दिल की सेहत के मामले में घी से थोड़ा बेहतर विकल्प माना जाता है।
- हेल्दी फैट्स का खजाना: सरसों के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो दिल के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
- ओमेगा-3 और ओमेगा-6: इस तेल में ये दोनों फैटी एसिड मौजूद होते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करने और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
- कोलेस्ट्रॉल पर असर: सरसों का तेल आपके शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने में काफी मददगार है। रिसर्च भी यही बताती है कि सरसों के तेल जैसे ‘अनसैचुरेटेड फैट’ के इस्तेमाल से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।
कैसे करें दोनों का सही इस्तेमाल?
एक्सपर्ट का कहना है कि आपको घी पूरी तरह से बंद करने की जरूरत नहीं है। बस अपनी रसोई में दोनों का संतुलित और समझदारी से उपयोग करना आना चाहिए:
- खाना पकाने के लिए: अपनी रोजमर्रा की सब्जी बनाने या खाना पकाने के लिए सरसों के तेल का ही इस्तेमाल करें।
- स्वाद और पोषण के लिए: पकी हुई दाल, रोटी या खिचड़ी के ऊपर से थोड़ा सा देसी घी डाला जा सकता है।
- फैट पर कंट्रोल: दिन भर में आप जितना भी तेल या घी खा रहे हैं, उसकी कुल मात्रा को सीमित रखें।
- इनसे बचें: ज्यादा तले-भुने और पैकेटबंद खाने से दूरी बनाकर रखें।
सिर्फ तेल बदलना काफी नहीं
डॉक्टर्स साफ तौर पर कहते हैं कि हार्ट हेल्थ सिर्फ किसी एक चीज से तय नहीं होती। अगर आप अपना तेल बदल लें लेकिन आपकी लाइफस्टाइल खराब है, तो भी दिल की बीमारियां हो सकती हैं। दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
- नियमित रूप से व्यायाम करें।
- अपने वजन को कंट्रोल में रखें।
- अच्छी नींद लें और तनाव को खुद पर हावी न होने दें।
कुल मिलाकर, हेल्दी हार्ट के लिए सरसों का तेल ज्यादा फायदेमंद है, लेकिन सीमित मात्रा और एक एक्टिव लाइफस्टाइल के साथ देसी घी खाना भी पूरी तरह सुरक्षित है।





