Saturday, February 28, 2026
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अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी द्वारा न्यायालयीन प्रकरणों की प्रभावी पैरवी

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) राधेश्याम राय द्वारा पुलिस कार्यालय सभागार कक्ष में जनपद के समस्त पैरोकार, कोर्ट मोहर्रिर, शमन सेल एवं मॉनीटरिंग सेल के अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कर अधिकाधिक दोषसिद्धि प्राप्त करना तथा प्राचीनतम वादों के शीघ्र निस्तारण हेतु ठोस कार्ययोजना बनाना रहा। बैठक के प्रारम्भ में जनपद के विभिन्न न्यायालयों-सेशन न्यायालय एवं अधीनस्थ (लोअर) न्यायालयों- में विचाराधीन प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गयी।

गंभीर अपराधों, महिला एवं बाल अपराधों, संगठित अपराध, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, एनडीपीएस एवं अन्य विशेष अधिनियमों से संबंधित प्रकरणों में प्रभावी पैरवी हेतु विशेष निर्देश दिये गये। महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त प्राचीनतम वादों की सूची तैयार कर उनका श्रेणीवार वर्गीकरण किया जाए तथा साप्ताहिक समीक्षा की जाए। प्रत्येक न्यायालयीन तिथि पर संबंधित पैरोकार समय से न्यायालय में उपस्थित होकर अभियोजन अधिकारी से समन्वय स्थापित करें।

गवाहों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु समय से सूचना, व्यक्तिगत संपर्क एवं आवश्यक समन्वय किया जाए। शमन एवं वारंट की तामीली को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए तथा तामीली की प्रगति का अभिलेखीकरण सुनिश्चित किया जाए। केस डायरी, विवेचना अभिलेख, चिकित्सीय रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट एवं अन्य साक्ष्यों का सुव्यवस्थित संधारण किया जाए ताकि न्यायालय में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। चिन्हित/संवेदनशील प्रकरणों में विशेष पैरवी कर शीघ्र एवं सुदृढ़ दोषसिद्धि सुनिश्चित की जाए। महोदय द्वारा मॉनीटरिंग सेल को निर्देशित किया गया कि वह जनपद स्तर पर सभी महत्वपूर्ण प्रकरणों की दैनिक/साप्ताहिक समीक्षा कर उनकी प्रगति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराए।

साथ ही लंबित प्रकरणों में आ रही बाधाओं का विश्लेषण कर उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए साथ ही शमन सेल को निर्देशित किया गया कि न्यायालयों से प्राप्त शमन/वारंट की तामीली में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा संबंधित थानों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तामीली सुनिश्चित की जाए। कोर्ट मोहर्रिरों को निर्देशित किया गया कि न्यायालय से प्राप्त समस्त आदेशों/तिथियों का समय से अनुपालन कर संबंधित शाखाओं को सूचित करें। बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि न्यायालयीन कार्यवाही में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं समन्वय ही दोषसिद्धि दर बढ़ाने की कुंजी है। जनपद गोण्डा पुलिस न्यायालयों में प्रभावी पैरवी, प्राचीनतम वादों के त्वरित निस्तारण एवं अपराधियों को सजा दिलाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में नियमित समीक्षा, मॉनीटरिंग एवं जवाबदेही तय की जा रही है।

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