सुल्तानपुर। निलंबित शिक्षक नरेंद्र पांडेय ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता से भेंट कर अपना पक्ष रखा और विभागीय कार्रवाई को लेकर फैली गलतफहमी पर खेद व्यक्त किया। नरेंद्र पांडेय ने कहा कि उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई कुछ भ्रामक तथ्यों के आधार पर की गई, जिससे उन्हें भी भ्रम हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें अब विभाग की निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर पूरा विश्वास है और वे सत्य की जांच के पक्षधर हैं। शिक्षक ने पत्र के माध्यम से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं आवश्यक जांच कराने की मांग की। इस पर बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने शिक्षक की बातों को गंभीरता से सुना और पारदर्शी, न्यायोचित तथा नियमसम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
नरेंद्र पांडेय ने लिखित रूप में कहाकि बीएसए महोदय के प्रति जो गलतफहमी बनी, वह कुछ लोगों द्वारा दिए गए भ्रामक तथ्यों का परिणाम थी। मुझे विभाग की सत्यनिष्ठा और बीएसए महोदय की निष्पक्षता पर पूर्ण विश्वास है। बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने शांतिपूर्ण संवाद और प्रशासनिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया। इस पूरे प्रकरण ने यह संदेश दिया कि बीएसए उपेंद्र गुप्ता न्यायप्रिय, संवादशील और पारदर्शी अधिकारी हैं, जो हर पक्ष को सुनकर ही निर्णय लेते हैं। शिक्षक समुदाय ने भी उनके कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों से व्यवस्था में विश्वास मजबूत होता है। शिक्षक नरेंद्र पांडेय ने आशा जताई कि निष्पक्ष जांच के बाद उन्हें न्याय मिलेगा और सच्चाई सामने आएगी।





