वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के वस्तु एवं सेवा निर्यात में सकारात्मक वृद्धि हुई है। उन्होंने जनवरी के निर्यात आंकड़ों के सकारात्मक रहने की उम्मीद जताई। दिसंबर में वस्तु निर्यात 1.87% बढ़कर 38.5 अरब डॉलर रहा। मंत्रालय को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल निर्यात 850 अरब डॉलर पार कर जाएगा, जो देश की मजबूत व्यापार स्थिति को दर्शाता है।
वाणिज्य सचिव,राजेश अग्रवाल ने देश के निर्यात पर कुछ पत्रकारों से बातचीत की। इस बातचीत में वे इस बात जोर देते हुए दिखें कि देश के निर्यात पर किसी भी चीज का फर्क नहीं पड़ा है और उन्हें जनवरी के निर्यात आंकड़ों से सकारात्मक रहने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद चालू वित्त वर्ष में अब तक भारत के वस्तु एवं सेवा निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है और जनवरी में भी इसके सकारात्मक रहने का अनुमान है।
उन्होंने आगे कि कहा कि जनवरी के आंकड़े इस महीने आधिकारिक रूप से जारी किए जाएंगे। अग्रवाल ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘ कुल मिलाकर निर्यात अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। वस्तु निर्यात में हम मजबूती से टिके हुए हैं। सेवाएं हमेशा की तरह बहुत अच्छा कर रही हैं। आप (जनवरी के आंकड़ों) के सकारात्मक रहने की उम्मीद कर सकते हैं।’’
जनवरी के निर्यात आंकड़ों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने यह बात कही। अग्रवाल यहां ‘बायोफैच’ 2026 प्रदर्शनी में हिस्सा लेने पहुंचे थे, जहां 100 से अधिक भारतीय प्रदर्शक और करीब 20 राज्यों ने अपने जैविक उत्पादों का प्रदर्शन किया।
दिसंबर में कैसा रहा निर्यात?
यूरोपीय संघ इन उत्पादों का बड़ा बाजार है। देश का वस्तु निर्यात दिसंबर में 1.87 प्रतिशत बढ़कर 38.5 अरब डॉलर रहा। समीक्षाधीन महीने में आयात 8.7 प्रतिशत बढ़कर 63.55 अरब डॉलर हो गया। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-दिसंबर दौरान देश का वस्तु निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 330.29 अरब डॉलर रहा। वाणिज्य मंत्रालय को उम्मीद है कि 2025-26 में वस्तु एवं सेवा निर्यात 850 अरब डॉलर को पार कर सकता है जो 2024-25 में 825 अरब डॉलर रहा था।





