वैश्विक वित्तीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, वॉल स्ट्रीट से लेकर क्रिप्टो तक दबाव है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने जोखिम वाली संपत्तियों पर असर डाला है। बिटकॉइन $70,000 और एथेरियम $2,100 से नीचे गिर गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट फेड की सख्त नीतियों के डर से है। निवेशकों को वैश्विक संकेतों पर नजर रखने और क्रिप्टो में जोखिम प्रबंधन करने की सलाह दी गई है।
ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट इस समय पूरी तरह उतार-चढ़ाव के मोड में है। वॉल स्ट्रीट से लेकर दलाल स्ट्रीट और अब क्रिप्टो मार्केट तक, हर जगह उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की धड़कनें तेज कर दी हैं। सबसे पहले बात करते हैं अमेरिकी शेयर बाजार की। वॉल स्ट्रीट पर हाल के सत्रों में दबाव देखने को मिला है, खासतौर पर टेक्नोलॉजी शेयरों में। इसका असर ग्लोबल मार्केट सेंटिमेंट पर भी पड़ा। हालांकि, इसी बीच भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े पॉजिटिव संकेतों ने भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया।
निवेशकों की नजर अब फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर टिकी हुई है। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और सिस्टम से लिक्विडिटी निकलने की आशंका ने जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ा दिया है। सोना और चांदी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं। इनमें कभी तेजी तो कभी मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। दरअसल, निवेशक अभी जोखिम और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
क्रिप्टो मार्केट पर भी असर
इसका सीधा असर क्रिप्टो मार्केट में देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को बिटकॉइन में जोरदार बिकवाली देखने को मिली और यह फिसलकर करीब 70,000 डॉलर के स्तर तक आ गया। एथेरियम भी 2,100 डॉलर के नीचे फिसल गया, जबकि XRP और अन्य ऑल्टकॉइन्स में भी कमजोरी दिखी।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रिप्टो में यह गिरावट सिर्फ प्रॉफिट बुकिंग नहीं है, बल्कि फेड की सख्त पॉलिसी का डर है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं और डॉलर मजबूत होता है, तो निवेशक हाई-रिस्क एसेट्स से दूरी बनाना शुरू कर देते हैं और क्रिप्टो उसी कैटेगरी में आता है।
बाजार रणनीति क्या होनी चाहिए?
1. ग्लोबल ट्रिगर्स पर नजर रखें: फेडरल रिजर्व के बयान और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स की चाल
2. क्रिप्टो में रिस्क मैनेजमेंट: बिटकॉइन 66,000 डॉलर के पास है, एथेरियम अभी भी 1945 डॉलर पर वोलेटाइल है, इसलिए नई खरीदारी से पहले कन्फर्मेशन का इंतज़ार करें। साथ ही क्रिप्टो में ओवर-एक्सपोजर से बचें।
बिटकॉइन को आप डिजिटल एसेट की तरह समझ सकते हैं। यह ऑनलाइन उपलब्ध होता है, और किसी एक देश या संस्था के नियंत्रण में नहीं है।
(लेखकर निश्चल शेट्टी WazirX के संस्थापक हैं, जो भारत के प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक है। वे Web3 इकोसिस्टम में एक प्रमुख आवाज़ हैं और भारत में ब्लॉकचेन-नेटिव प्रोडक्ट डेवलपमेंट को लगातार बढ़ावा देते रहे हैं।)





