ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के महाभियोग लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस या अन्य विपक्षी दल ऐसा प्रस्ताव लाते हैं तो तृणमूल कांग्रेस पूरा समर्थन करेगी।
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए महाभियोग लाने की मांग की है।
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस या अन्य विपक्षी दल सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाते हैं, तो उनकी पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) इसका पूरा समर्थन करेगी।
चुनाव आयोग के खिलाफ ममता का गुस्सा
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआइआर) के मुद्दे पर चुनाव आयोग के रुख पर गहरा रोष व्यक्त किया।
राहुल गांधी द्वारा सीईसी को जवाबदेह ठहराने के लिए पूर्वव्यापी कानून (रेट्रोस्पेक्टिव लॉ) लाने के विचार पर उन्होंने कहा, ‘हम भी चाहते हैं कि ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाया जाए। हमारे पास पर्याप्त संख्या बल नहीं हो सकता है, लेकिन प्रविधान मौजूद है और यह रिकॉर्ड पर रहेगा। अगर कांग्रेस ऐसा कुछ करती है, तो हम अपने सांसदों के साथ चर्चा करेंगे। जनहित के मुद्दों पर हम साथ मिलकर काम करते हैं।’
ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल में चल रही एसआइआर प्रक्रिया के तहत केवल तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। हटाए गए नामों में अधिकांश दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों से हैं।
सीएम ममता ने आगे कहा, ‘मेरे राज्य में 23 प्रतिशत अनुसूचित जाति, छह फीसदी जनजाति और 33 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। क्या मैं उनसे राज्य छोड़ने को कह दूं?’
ममता बनर्जी की बीजेपी को चुनौती
ममता बनर्जी ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा, ‘वह चुनाव आयोग का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे चुनावी मैदान में मुकाबला करे। कुर्सी स्थायी नहीं होती, लेकिन लोकतंत्र में जनता स्थायी होती है।’
सीएम ने आगे कहा, ‘वे बंगाल को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए एजेंसियों और आयोग के जरिये व्यापारियों से लेकर राजनेताओं तक सबको परेशान किया जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी।’





