हजपुरा,अम्बेडकरनगर अकबरपुर–जलालपुर मुख्य मार्ग पर स्थित कजपुरा मोड़ की पुलिया इन दिनों लोगों के लिए गंभीर खतरे का सबब बन गई है। पुलिया के नीचे करीब आधा दर्जन से अधिक विशालकाय अजगरों ने अपना स्थायी रैन बसेरा बना लिया है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
हिंदू पौराणिक मान्यताओं में नागदेवता को धरती का रक्षक और भगवान शिव के आभूषण के रूप में पूजा जाता है। नागपंचमी जैसे पर्व पर लोग नागों की आराधना कर उनसे सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, लेकिन कजपुरा मोड़ पर यही नागवंश अब लोगों के लिए आस्था नहीं, बल्कि आतंक का कारण बनता जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अजगर दिन में भी पुलिया से बाहर निकलकर सड़क किनारे झाड़ियों और खुले स्थानों में रेंगते दिखाई दे रहे हैं। कई बार वे सड़क पार करते भी देखे गए हैं, जिससे राहगीरों, बाइक सवारों और बच्चों की जान पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि पुलिया के बिल्कुल बगल में नव ज्योति विद्यालय और पं. महबीर प्रसाद आईटीआई कॉलेज स्थित हैं, जहां रोज़ाना सैकड़ों बच्चे और छात्र-छात्राएं आते-जाते हैं। अभिभावकों में डर बैठ गया है कि कहीं कोई मासूम किसी अजगर का शिकार न बन जाए।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि कई बार अजगरों को देखकर लोग चीख-पुकार मचाते हुए भाग खड़े होते हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि “हम नागदेवता का सम्मान करते हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे पहले है। प्रशासन को तुरंत कदम उठाना चाहिए।”
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल वन विभाग की रेस्क्यू टीम भेजकर सभी अजगरों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाए और पुलिया की साफ-सफाई कराई जाए, ताकि दोबारा सांपों का डेरा न जम सके।





