बुधवार को मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत “ऑपरेशन मुक्ति” अभियान के तहत बच्चों को बाल विवाह, बाल श्रम और बाल संरक्षण संबंधी कानूनों व अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अशोक सिंह इंटर कॉलेज, बाबूपुर टिकरिया, गौरीगंज में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देशानुसार तथा उपजिलाधिकारी/प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी सात्विक श्रीवास्तव के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने छात्र-छात्राओं को बाल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं लड़की की 18 वर्ष से कम होने पर विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। ऐसा विवाह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत हानिकारक है तथा यह एक कानूनी अपराध है।
बाल विवाह में शामिल व्यक्तियों को 2 वर्ष तक की सजा एवं एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यदि कहीं बाल विवाह हो रहा हो तो उसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तत्काल दें। उन्होंने आगे बताया कि बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियम अधिनियम 2016 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम करवाना दंडनीय अपराध है। बाल श्रम कराने वाले को 6 महीने से 2 वर्ष तक की सजा तथा 20,000 से 50,000 रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
बाल श्रम से जुड़े मामलों की सूचना भी 1098 पर दी जा सकती है। कार्यक्रम में केसवर्कर दिनेश पाल द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न टोल-फ्री आपातकालीन एवं सहायता नंबर जैसे—181, 1098, 102, 108, 1090, 1976, 1930—की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही कन्या सुमंगला योजना, स्पॉन्सरशिप योजना सहित विभिन्न बाल कल्याण योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य सरविंद कुमार सिंह, शिक्षक सिद्धार्थ सिंह उर्फ अंकुश, एवं समस्त विद्यालय स्टाफ की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।





