संभलःअवधनामा संवाददाता भारत सरकार द्वारा संचालित मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संभल में पुरुषोत्तम सिंह मेमोरियल एजुकेशनल सोसाइटी NGO के तत्वाधान में शिव मंदिर बरेली सराय संभल में कल्कि संवाद का चतुर्थ सत्र आयोजित किया गया।
जिसमें मुख्य वक्ता कर्मयोगी स्वामी कृष्णानंद झा जी द्वारा जनमानस को गीता ज्ञान के माध्यम से ईश्वर का विराट रूप एवं ईश्वरी तत्व ब्रह्मांड से ग्रह से पृथ्वी से देश से प्रदेश से जिला से नगर से घर परिवार से व्यक्ति में व्याप्त है।
चराचर में ईश्वर ही है अतः हमें हमें किसी से भी ईर्ष्या एवं द्वेष नहीं करना चाहिए। व्यक्ति के जीवन को पेड़ की तरह परोपकारी होना चाहिए, जिस प्रकार पेड़ स्वयं अपना फल नहीं खाता स्वयं धूप में खड़े रहकर राहगीरों को छाया प्रदान करता है एवं अपना स्वयं फल नहीं खाता।
ईश्वर ने मनुष्य को पृथ्वी पर भेजते समय किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं किया, सभी को समान रूप से शरीर प्रदान किया है। उसी प्रकार हमें भी किसी भी जाति या वर्ण के आधार पर मनुष्य के प्रति भेदभाव नहीं करना चाहिए। एवं सभी कर्मों को ईश्वर के चरणों में समर्पित करना चाहिए।
कार्यक्रम का संयोजन अमित पवार जी अध्यक्षता टीकाराम भगत जी ने एवं संचालन बब्लू सिंह जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी जिज्ञासुओ के प्रश्नों के उत्तर श्रीमद् भागवत गीता





