स्थि कलश यात्रा में मौजूद श्रद्धालुओं ने गंगाजल से मार्ग पवित्र कर दी श्रद्धांजलि
महोबा। संत आशुदाराम के पुत्र संत साईं चांडूराम का पिछले माह 15 अक्तूबर को 78 वर्ष मेंn निधन हो गया था। इसके बाद देशभर में उनके अनुयायी दर्शन के लिए अस्थि कलश यात्रा निकाल रहे है, इसी क्रम में जिले के सिंधी समाज के लोगों ने बुधवार की रात शहर में संत की अस्थि कलश यात्रा निकाली। यात्रा में फूलों से सजी पालकी में संत शिरोमणि की तस्वीर के साथ अस्थि कलश को रखा गया और समाज के लोगों ने पालकी पर फूलों की बारिश की। यात्रा दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद रही, जिन्होंने संत की शिक्षाओं और आदर्शों को जन-मानस में जीवित रखने का संदेश देती हुई आगे बढ़ी।
यात्रा के दौरान श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जो संत चांडूराम जी के प्रति समाज की गहरी आस्था और सम्मान को दर्शाता है। यात्रा की शुरुआत विधिवत पूजा अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद संत के अस्थि कलश को शोभायात्रा के रूप में नगर भ्रमण कराया गया, नगर के प्रमुख चैराहो से होते हुए गुजरी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने अस्थि कलश के आगे झाडू लागकर गंगाजल से डालकर मार्ग को पवित्र किया और पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धालुओं ने बताया कि यह प्रक्रिया संत के प्रति सम्मान और उनकी शिक्षाओं के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि संत के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों और मंदिरों पर अस्थि कलश ले जाकर दर्शन किए जाएंगे। जिले में आयोजित यह अस्थि कलश यात्रा संत की शिक्षाओं और आदर्शों को जन मानस में जीवित रखने का संदेश देती हुई आगे बढ़ी। बताया कि संत साईं चांडूराम जी ने वेदांत, गुरुवाणी, श्रीमद्भगवद गीता और रामचरितमानस जैसे अनेक ग्रंथों का गहन अध्ययन कर सनातन संस्कृति की परंपराओं के पुनर्जीवन का संकल्प लिया था। उन्होंने अपने अनुयायियों को सत्य, सदाचार, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी।





