विकास खंड क्षेत्र के ग्राम डामर में कृषि विभाग की ओर से किसानों को धान की पराली खेतों में न जलाने के संबंध में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में उपकृषि निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार ने किसानों को बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है, पर्यावरण प्रदूषित होता है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके लिए जुर्माने का भी प्रावधान है।
उन्होंने किसानों को बताया कि कृषि विभाग द्वारा पराली प्रबंधन के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनसे धान के अवशेषों का उपयोग खेत की उर्वरता बढ़ाने में किया जा सकता है।
डॉ. कुमार ने कहा कि पराली न जलाकर किसान न केवल पर्यावरण की रक्षा करेंगे बल्कि अपनी भूमि की उत्पादकता भी बनाए रखेंगे।
कार्यक्रम के दौरान कृषक श्याम दास, राहुल कुमार, लल्लू सहित कृषि विभाग के मनीष सिंह और संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।





