Monday, September 1, 2025
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जिम ने 24 साल से बड़ी महिलाओं की एंट्री पर लगाई पाबंदी, फैसले पर मचा बवाल

ब्रिटेन की 36 वर्षीय महिला ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई जब उन्हें एक मेल मिला जिसमें बताया गया कि अब उनके जिम में एक नए नियम के तहत कुछ घंटों के लिए सिर्फ 12 से 24 साल की महिलाओं को ही एंट्री दी जाएगी।

Mumsnet नाम की एक यूके-बेस्ड ऑनलाइन डिस्कशन फोरम के ‘Am I Being Unreasonable?’ थ्रेड पर महिला ने अपनी शिकायत साझा की। उन्होंने अपने पोस्ट का टाइटल दिया – “To think this is unfair?” यानी “क्या ये गलत नहीं है?” महिला ने कहा कि जिम ने उन्हें मेल करके बताया कि अब हर हफ्ते सोमवार से शुक्रवार तक शाम 4 बजे से 7 बजे तक का समय सिर्फ 12 से 24 साल की महिलाओं के लिए रिज़र्व रहेगा।

जिम के अनुसार, यह फैसला युवा लड़कियों को एक सुरक्षित और सपोर्टिव माहौल देने के इरादे से लिया गया है, खासतौर पर स्कूल के बाद और शाम के वक्त। लेकिन महिला, जो पहले से ही इस जिम की लंबी महिलाओं के लिए आरक्षित घंटों (सुबह 9 से शाम 7 बजे तक) की वजह से सदस्य बनी थीं, इस बदलाव से बेहद निराश हो गईं। उन्होंने लिखा कि इस नए नियम के चलते अब जिम उनके शेड्यूल में फिट नहीं बैठता, इसलिए वो अपनी मेंबरशिप कैंसल करने जा रही हैं।

उन्होंने लिखा, “अब ये जिम मेरे काम का नहीं रह गया। मैं तो अपनी मेंबरशिप कैंसल ही कर रही हूं, लेकिन ये जो फैसला लिया गया है, वो बेतुका नहीं है क्या?”

महिला की पोस्ट वायरल होते ही इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने उनका समर्थन किया और जिम की पॉलिसी को “बेहद पक्षपातपूर्ण” बताया। एक यूजर ने लिखा, “अगर एक-दो घंटे की बात होती तो समझ आता, लेकिन पूरे तीन घंटे हर दिन? ये तो बहुत ज़्यादा है। मैं भी मेंबरशिप छोड़ देती।”

हालांकि, सभी लोग महिला के पक्ष में नहीं थे। कुछ लोगों ने कहा कि बिज़नेस में डिमांड और जरूरत के हिसाब से पॉलिसी में बदलाव करना आम बात है।

एक यूजर ने लिखा, “आंकड़ों के मुताबिक, कम उम्र की लड़कियां फिटनेस से जल्दी कट जाती हैं जब तक उन्हें एक सहारा देने वाला माहौल न मिले। ऐसे में उनके लिए एक खास टाइम स्लॉट तय करना एक सोच-समझकर लिया गया कदम लगता है। ये ठीक वैसा ही है जैसे महिलाओं के लिए अलग समय देना।”

इस पूरे मामले ने ऑनलाइन यूज़र्स को दो हिस्सों में बांट दिया है – एक तरफ वे जो इसे उम्र आधारित भेदभाव मानते हैं, और दूसरी तरफ वो जो इसे एक ज़रूरी कदम कह रहे हैं।

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