गुरुवार को प्रदर्शन की तैयारी में जुटे किसान
भरुआ सुमेरपुर। मौदहा बांध के अधिकारियों के दावे के तीन दिन बाद सुमेरपुर ब्रांच में पानी नहीं आ सका है। इससे किसानों में आक्रोश पनपता जा रहा है। किसान गुरुवार को मुख्यालय में प्रदर्शन करने की तैयारी में जुट गए हैं।
गत रविवार को मौदहा बांध के सहायक अभियंता ने रविवार को सुमेरपुर ब्रांच में पानी छोड़े जाने का दावा करते हुए कहा था कि वह अपनी निगरानी में पानी को आगे बढ़वा रहे हैं। उनके इस दावे के बाद मंगलवार को पानी नहीं पहुंच सका था। मंगलवार को बिदोखर से लेकर बंडा गांव तक सुमेरपुर ब्रांच का दौरा करके हकीकत परखी गई और वापसी में मवई जार माइनर को भी देखा गया तो सभी सूखी पड़ी हुई थी।
बंडा के पूर्व प्रधान जनसत्ता दल के जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि मौदहा बांध के अधिकारी एक पखवारे से पानी छोड़े जाने का झूठा दावा कर रहे हैं। अभी तक पानी नहीं आया है। वह गुरुवार को किसानों के साथ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करके जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराएंगे। उन्होंने बताया कि तेज धूप के चलते पानी के अभाव में गेहूं सहित अन्य फसलें चौपट हो रही है। इससे किसानों की धड़कनें लगातार बढ़ रही हैं। अगर समय रहते पानी नहीं मिल पाया तो फसलें बर्बाद होगी और किसान तबाह होगा। उसके सामने भरण पोषण की समस्या खड़ी होगी।
मौदहा बांध के सहायक अभियंता यशवीर ने बताया कि यह सच है कि पानी छोड़ दिया गया है। ऊपर की ओर किसानों ने आड़ा लगा रखे हैं। इस वजह से पानी आगे नहीं बढ़ रहा है। उन्होंने नहर का भ्रमण करके आड़े हटवाने का कार्य शुरू कराया है। उनकी कोशिश है कि वह रात तक पानी बंडा गांव तक पहुंचा दें। इसके बाद पानी को टेल तक पहुंचाकर मवई जार, चंदौली जार, नदेहरा, बिदोखर पुरई, शादीपुर मौजा के किसानों को भी राहत दिलाएंगे। उन्होंने बताया कि पानी की अधिक डिमांड के चलते समस्या खड़ी हो रही है। जल्द ही इससे निजात मिलेगी और किसानों को भरपूर पानी मिलेगा। नवंबर के बाद अब तक पानी न देने के सवाल पर वह चुप्पी साथ गए। बता दें कि नवंबर के बाद अब तक सुमेरपुर ब्रांच में पानी नहीं आया है। इससे किसानों की नाराजगी बढी है और वह पानी के लिए परेशान हैं।





