Thursday, February 12, 2026
spot_img
HomeMarquee23 मार्च को दिल्ली में अन्ना के सत्याग्रह की जोरदार तैयारी

23 मार्च को दिल्ली में अन्ना के सत्याग्रह की जोरदार तैयारी

राष्ट्रीय समन्वय समिती के मिटिंग में तय हुई आंदोलन की रणनीति…

23 मार्च को दिल्ली में अन्ना के सत्याग्रह की जोरदार तैयारी

23 मार्च राष्ट्रीय जन आंदोलन समन्वय समिती की पहली मिटिंग ज्येष्ठ समाजसेवी मा. अन्ना हजारे की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में हुई इस मिटिंग के प्रारंभ में समिती के सभी सदस्यों ने अपना परिचय दिया। उसके बाद अन्नाजी ने आंदोलन के प्रचार-प्रसार के बारें में सभी सदस्यों से जायजा लिया। फिर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा आरंभ हुई। सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए आंदोलन की तैय्यारी के बारे में अपनी राय रखी। मिटींग में 24 सदस्य उपस्थित थे ।

उत्तराखंड के भोपाल सिंह चौधरी ने कहां की कार्यकर्ताओं की टिम बनाकर प्रचार प्रसार का काम जारी हैं। वह अपने राज्य में भ्रष्टाचार विरोधी जन आंदोलन का कार्यालय शुरू करना चाहते हैं। हरियाणा के नवीन जयहिंद और सुरेश शर्मा ने गाडीया लगा कर आंदोलन का प्रचार प्रसार और तेज करने की बात रखी। उन्होने कहां की, कार्यकर्ताओं द्वारा प्रचार प्रसार का कार्य जारी हैं। आंदोलन के लिए हरियाणा से ट्रैक्टर और बैलगाड़ी से हर दिन लोग आएंगे। समन्वय समिती की जिम्मेदारी बहुत ही महत्त्वपूर्ण हैं। इसलिए समिती के सदस्य सक्षम होने चाहिए। अगर कोई सदस्य जिम्मेदारी नहीं निभा सकता तो उसे समिती से बाहर भी करना चाहिए।

उत्तराखंड के सुशिल भट्ट ने दिल्ली और आसपास के प्रदेश में गाडीयां बनाकर प्रचार प्रसार करने की जरुरत की बात कहीं। और शोशल मीडिया का जादा से जादा उपयोग करने की भी बात कहीं। दिल्ली के मनिंद्र जैन ने दिल्ली और आसपास के प्रदेश में दिल्ली स्थित महाविद्यालयीन छात्रों तक बैनर, पोस्टर, पैम्फलेट के माध्यम से आंदोलन का संदेश पहुंचाने का नियोजन करने के बारे में जिम्मेदारी उठाई। अन्नाजी की उम्र और सेहत को देखते हुए अन्नाजी ने सत्याग्रह पर बैठना हैं या अनशन पर ? इस बारे में चर्चा की। उन्होने कहां की,  शुरू में हमें सत्याग्रह करना चाहिए। कुछ दिन तक प्रतीक्षा करने के बाद अगर हमारी मांगे पुरी नहीं होती तो फिर अनशन शुरू करना चाहिए। उत्तर प्रदेश के पी. एन. कल्कि ने कहीं की, अन्नाजी के जो छोटे छोटे व्हिडिओज बने हैं, वह प्रचार प्रसार के लिए बहुत ही उपयुक्त हैं। उसके माध्यम से और स्थानीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्रचार प्रसार जारी हैं। हर प्रदेश में भ्रष्टाचार विरोधी जन आंदोलन की स्थानीय समन्वय समिती के गठन का कार्य भी जारी हैं।

मुंबई से उपस्थित कल्पना इनामदार ने कहां की,  हम मुंबई में आंदोलन का प्रचार प्रसार कर रहें हैं। लेकिन आंदोलन के लिए शहरों से हमे जादा से जादा लोकों का समर्थन अगर चाहिए तो आंदोलन में जीएसटी का मुद्दा उठाना पड़ेगा। हर एक मुद्दे पर आंदोलन की रणनीति तय करनी चाहिए। आंदोलन का न्यूनतम कार्यक्रम निश्चित करना चाहिए। हमें आंदोलन में संख्याबल भी चाहिए और गुणवत्ता भी चाहिए। अगर आंदोलन के समय पर दिल्ली में भीख क्यों न मांगणी पड़े लेकिन आंदोलन रुकना नही चाहिए। अगर हमारे सेनापती आंदोलन में प्राणत्याग की तैय्यारी रखते हैं तो हमें भी ‘घर छोड़ते समय वापस नहीं आ सकते’ यह सोच कर आंदोलन में आना चाहिए। दिल्ली
और 20 किमी के प्रदेश में गाडीयां घुमाकर प्रचार प्रसार करने के लिए अखिरी 15 दिन में समिती के सभी सदस्यों ने दिल्ली में रहना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के प्रताप चंद्रा ने कहां की, युवाशक्ति आंदोलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हम कॉलेज कॉलेज में जा कर लोकतन्त्र की पाठ़शाला के माध्यम से महाविद्यालयीन युवकों में जागृति का प्रयास कर रहें हैं। आंदोलन की तैय्यारी तेज करने के लिए हमें दिल्ली और आसपास के प्रदेश में जितने भी कॉलेज हैं वहां जाकर प्रचार प्रसार करना होगा। चुनाव सुधार के मुद्दे पर हमें चुनाव आयोग को घेराव की रणनीति निश्चित करनी चाहिए ।

दिल्ली के कर्नल नैन कहां की,  जहां जहां प्रचार प्रसार का काम हो रहा हैं या जन सभा हो रही हैं वहां बैनर का डिझाईन एकही होना चाहिए। हमें दिल्ली पर जादा ध्यान देने की आवश्यकता हैं। क्यों की पुरे देश के हर प्रदेश से लाखो लोग दिल्ली में रहते हैं। आंदोलन के लिए वित्तीय सहायत्ता की जरुरत हैं। पिछले मिटिंग कई कार्यकर्ताओं ने ऐसी सहायता देने के बारें बात रखी थी। इसलिए जिन्होने अब तक नहीं दिया उन्होने देना चाहिए। समन्वय समिती सदस्यों को जब तक जिम्मेदारीयां निश्चित नहीं की जाती तब तक कार्य तेजी से नहीं हो सकता।

राजस्थान के दशरथ कुमार ने कहां की, कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी निश्चित करना बहुत ही जरुरी हैं। आंदोलन के साथ लोगों को जोड़ने के लिए और कोशिश करनी होगी। समन्वय समिती के हर एक सदस्यों ने अधिकांश लोगों को जोड़ने की कोशिश करनी चाहिएं। स्थानीय लोगों को महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारीयां देनी चाहिए। विभिन्न किसान संघटनों के मुखिया के साथ अन्नाजी की एक मिटिंग होनी चाहिए। राज्य स्तर, जिला स्तर और तहसिल स्तर की समितीयां तुरन्त बनानी चाहिए। महाराष्ट्र के विनायक पाटील ने कहां की, वह 15-20 दिन दिल्ली में रह कर आंदोलन का प्रचार प्रसार करना चाहते हैं। अन्नाजी अगर अनशन पर बैठ़ते है तो जादा असर पड़ेगा। जो सेलिब्रिटी किसानों के हित में लगातार काम कर रहें हैं उन्हे आंदोलन में निमंत्रित करना चाहिए। आंदोलन के प्रचार प्रसारार्थ कन्याकुमारी से दिल्ली तक यात्रा निश्चित करनी चाहिए।

उड़िसा के अक्षयकुमार ने कहां की, किसानों का संगठ़न बढ़ाना जादा जरुरी हैं। किसान पेन्शन का मुद्दा बहुत ही महत्त्वपूर्ण हैं। आंदोलन के मुद्दों पर किसानों में जागृती लाने की भी आवश्यकता हैं। फिर किसान बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। अन्नाजी को आंदोलन के मध्यनजर रखते हुए रणनीति तय हानी चाहिए। अगर 80 साल की उम्र में वह अपनी जान लगा रहे हैं तो हमें भी पुरी तैय्यारी के साथ आंदोलन में उतरना चाहिए। अन्नाजी का आंदोलन यह एक नैतिकता के आधार पर होनेवाला आंदोलन हैं। इसलिए सरकार को मानना ही पड़ेगा। मोदी सरकार आंदोलन शुरू होने से पहले आधी हार चुकी हैं। हमें और आधी लड़ाई जितना बाकी हैं।

पंजाब के करनवीर थामन ने कहां की, आंदोलन में कुछ भी हो सकता हैं। इसलिए हर एक आशंका को देखते हुए हमारी रणनीति पहले से ही तय होनी चाहिए। अगर सरकारने अन्नाजी को उठा कर जेल में ड़ाल दिया तो हमें क्या करना चाहिए, इसके बारे में रणनीति तय हो। यह सच हैं की, मीडिया हमारा साथ नहीं दे रही हैं। लेकिन हमे ऐसा माहौल पैदा करना होगा की मीडिया को हमारे पास आनाही पड़ेगा। उत्तर प्रदेश के गौरवकान्त शर्मा ने कहां, हमें आंदोलन स्थल पर इन्फरमेशन सेंटर शुरू करना होगा।  नोएडा के सुनिल फौजी ने दिल्ली के कार्यकर्ताओं पर महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की बात कहीं। उन्होने कहां की, आंदोलन स्थल पर आंदोलनकारीयों को खाने की व्यवस्था करने के लिए हमें लोगों के पास जा कर राशन जमा करना चाहिए। जो भी राशन जमा होगा उससे हम लंगर चलाएंगे। राशन की जिम्मेदारी हम लेना चाहते हैं। उन्होने यह भी कहां की, आंदोलन में भूमि अधिग्रहण का भी मुद्दा होना चाहिए।

महाराष्ट्र के शिवाजी खेडकर ने कहां की, अन्नाजी 80 साल के उम्र में अनशन कर रहे हैं। ऐसे स्थिती में समन्वय समिती के कार्यकर्ताओं ने भी अनशन पर बैठना चाहिए। आंदोलन का प्रचार प्रसार और तेज करना होगा। उसके लिए हम हमारे प्रदेश में गाड़ी घुमा कर कार्य करेंगे। वाराणसी के डॉ. राकेश रफिक कहां की,  आंदोलन की तैय्यारी ऐसी होनी चाहिए की, आंदोलन के समय अगर कोई भी आपत्ती आए या सरकार हमारे साथ कोई भी कदम उठ़ाएं, समन्वय समिती के सदस्यों ने बिलकूल पिछे नहीं हटना चाहिए।

दिल्ली के कमांडर यशवंत ने आंदोलन की रणनीति तय करते समय दिल्ली और आसपास के प्रदेश में हर एक महाविद्यालय में जाने की बात रखी। उन्होने कहां की, संसद सदस्यों को घेराव करने की भी रणनीति होनी चाहिए। 22 मार्च तक का कार्यक्रम निश्चित करना चाहिए। समन्वय समिती के सभी सदस्यों ने अन्नाजी के साथ अनशन पर बैठना चाहिए। लोकपाल कानून में धारा 63 से 95 जो हटाई गयी हैं वह फिर प्रस्थापित करने की मांग भी करनी चाहिए।

मिटिंग के अंत में ज्येष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने सदस्यों को मार्गदर्शन किया । उन्होने कहां की, उनका जीवन अभी जादा नहीं रहा। जो मिला है वह बोनस हैं। मैने तो तय किया हैं की जब तक जिना हैं समाज और देश के लिए और जब मरना है वह भी समाज और देश के लिए। लेकिन आंदोलन आगे भी शुरू रहना चाहिए। चरित्रशील लोगों का संगठन बढ़ाना जरुरी हैं। भविष्य में आंदोलन की हमेशा के लिए व्यवस्था अगर करनी हैं तो, राज्य स्तर, जिला स्तर और तहसिल स्तर तक समितीयां निर्माण करनी चाहिए। समान विचारधारावाले चरित्रशील लोगों का अगर संगठन बन गया तो सरकार कौनसी भी हो, नाक दबाने से मुंह खुल जाएगा। ऐसा प्रेशर ग्रुप होना चाहिए। आंदोलन चरित्र पर आधारित होना चाहिए। सिर्फ भीड करने से कुछ नहीं होगा। आंदोलन के लिए ऐसे चरित्रशील दानशूर व्यक्ति की तरफ से वित्तीय सहायता ले सकते हैं लेकिन कैश में नहीं। कार्यकर्ताओं को ध्येयवाही दोना चाहिए। मीडिया आंदोलन की ओर ध्यान नहीं देता। हो सकता हैं की, उनपर सरकार का प्रेशर हो। इसलिए सोशल मीडिया का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना जरुरी हैं। कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्र के तसहिल, जिला स्तर के सभी मीडिया के इमेल रालेगणसिद्धी कार्यालय को भेजे। मिस्ड कॉल नंबर के प्रचार प्रसार में कार्यकर्ता जादा ध्यान नहीं दे रहे हैं। मिस्ड कॉल नंबर के लिए अपने अपने क्षेत्र में हर एक कॉलेज में जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने एक दुसरे को पुरा सहयोग करना चाहिए। तू बड़ा की मैं बड़ा इस चक्कर में नहीं आना चाहिए। इससे आंदोलन का नुकसान होता हैं। अपने अंदर की गंदगी निकालनी चाहिए। अगर समन्वय समिती का कोई सदस्य ठिक से काम नहीं करता तो जैसे नियुक्त किया जाता हैं वैसे उसे बाहर भी किया जा सकता हैं। आंदोलन का प्रचार और प्रसार करने की जिम्मेदारी सबकी हैं। मीडिया मॅनेंजमेंट कमिटी और मीडिया प्रवक्ता के रुप में काम करने की जिनकी तैय्यारी हैं उन्होने अपनी जानकी रालेगणसिद्धी कार्यालय में भेज दिजिए।

समन्वय समिती के सदस्यों ने अपने अपने राज्य में राज्य स्तर, जिला स्तर और ब्लॉक स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी जन आंदोलन की समितीयां बना सकते हैं । लेकिन ऐसे कमिटियों में जो कार्यकर्ता नियुक्त किए जाएंगे उनके लिए प्रतिज्ञापत्र (एफिडेव्हिट) अनिवार्य हैं। जो सामान्य लोग आंदोलन में आना चाहते हैं, उनके लिए एफिडेव्हिट की आवश्यकता नहीं हैं। समितीयां बना सकते हैं लेकिन वित्तीय दान अपने स्तर पर नहीं ले सकते। अगर ऐसे दानशूर व्यक्ति मिलते हैं तो उन्हे रालेगणसिद्धी कार्यालय का 80 जी अकाऊंट नंबर दे कर चेक, ड्राफ्ट तथा ऑनलाईन ट्रान्सफर कर सकते हैं।

राष्ट्रीय समन्वय समिती के मिटिंग में आंदोलन की व्यवस्था बनाने के लिए राज्य, जिला और तहसिल स्तर तक कमिटीयां बनाना, आंदोलन के मंच और ग्राऊंड संचालन समिती की स्थापना करना, मीडिया मॅनेंजमेंट कमिटी स्थापित करना, मीडिया प्रवक्ता के रूप में अनुभवी कार्यकर्ताओं की नियुक्ती करना, प्रदेश अनुसार प्रचार प्रसार कमिटीयां स्थापित करना, किसान समस्या कमिटी स्थापित करना, आंदोलन के समय पर सरकार से चर्चा के लिए कमिटी स्थापित करना, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारीयां तय करना, आंदोलनकारीयों के लिए नाश्ता, खाना, पानी समिती स्थापित करना ऐसे मुद्दे पर चर्चा हुई। कर्नल नैन, कमांडर यशवंत, मनिंद्र जैन की सदस्यता में ग्राऊंड परमिशन तथा प्रशासनिक कार्रवाई समिती बनाई गयी। प्रचार प्रसार मटेरिअल डिझाईनिंग की जिम्मेदारी सुनिल लाल ने उठ़ाई। खाना लंगर की जिम्मेदारी करनवीर और सुनिल फौजी ने उठ़ाई।


अगर आप भी चाहते है अपने मोबाइल पर खबर तो तुरंत इस 9918956492 नंबर को अपने फ़ोन में अवधनामा के नाम से सेव करे और हमे व्हाट्सप्प कर अपना नाम और जिला बताये और पाए अपने फोन पर लेटेस्ट खबरे 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular