BRIJENDRA BAHADUR MAURYA——————
11 सितंबर को राज्य कर्मी करेंगे एनेक्सी सचिवालय का घेराव |
लखनऊ 26 अगस्त , राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कर्मचारियों की 26 सूत्री मांगों को लेकर आगामी 11 सितंबर को जीपीओ पार्क स्थित गांधी प्रतिमा पर एक दिवसीय धरना देने एवं एनेक्सी सचिवालय का घेराव करने की नोटिस शासन को दिया है |संयुक्त परिषद के मुख्य संयोजक जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि विगत साडे पांच माह में उनकी मुख्यमंत्री जी से दो बार वार्ता हो चुकी है, हालांकि मुख्यमंत्री जी कर्मचारियों की समस्याओं पर संजीदा हैं और उनको दूर करने का आश्वासन भी देते रहे हैं ,लेकिन उच्च स्तर पर अधिकारियों के साथ संवादहीनता के चलते कर्मचारियों की समस्याओं पर निर्णय नहीं हो रहा है |

संयुक्त परिषद के साथ कई बार की उच्च वार्ताओं के बाद भी पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, वेतन विसंगतियों का निराकरण, केंद्रीय कर्मचारियों के समान भक्तों का निर्धारण, रिक्त पदों पर नियुक्ति एवं पदोन्नति, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती खोला जाना, संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाना, 2001 तक नियमित किए गए दैनिक वेतन भोगी/ वर्क चार्ज कर्मचारियों को पेंशन का लाभ दिया जाना ,परिवहन निगम, जल निगम, पावर कार्पोरेशन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अधिशाषी निकाय, पंचायत ,केजीएमयू लखनऊ, डॉक्टर आर एम एल संस्थान लखनऊ, ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई, संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ, के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाना ,सामान्य वर्ग के 27 कोटि के कर्मचारियों की वेतन विसंगति पर शीघ्र निर्णय किया जाना , विश्वविद्यालय महाविद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर 300 दिन का अवकाश दिया जाना ,आशा बहू ,आंगनवाड़ी कार्यकत्री, होमगार्ड्स ,पीआरडी जवान ,पंचायतों के अधीन कार्य सफाई कर्मी ,चौकीदार ,रसोईया एवं मानदेय पर कार्यरत कर्मियों को समयबद्ध योजना के अंतर्गत राज्य कर्मचारियों की सुविधाएं दिया जाना, राज्य कर्मियों के लिए अवकाश नगदीकरण की सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 540 दिन किया जाना, 8, 16 एवं 24 वर्ष की सेवा पर तीन समय बद्ध पदोन्नती ग्रेड दिया जाना, अवर अभियंताओं की भांति ACP व्यवस्था के अंतर्गत 4600 ग्रेड पे इग्नोर किया जाना, 50 पार कर चुके कर्मचारियों की छटनी के शासनादेश का दुरुपयोग रोका जाना ,संगठन के साथ नियमित अंतराल पर संवाद स्थापित कर समस्याओं का निस्तारण किया जाना, शिक्षामित्रों का सम्मानजनक समायोजन किया जाना आदि मांगों पर शासन की सकारात्मक पहल दिखाई नहीं पड़ रही है|संयुक्त परिषद की महामंत्री शशि सिंह ने अवगत कराया है कि पिछले 6 माह से कर्मचारी मुख्यमंत्री जी के आश्वासन के पूरा होने का इंतजार कर रहे थे | यह हैरानी की बात है कि मुख्यमंत्री जी के साथ वार्ता के बाद भी कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही परिलक्षित नहीं हो रही है | 8 जून की वार्ता में संयुक्त परिषद ने अन्य मांगों के अलावा अनधिकृत अध्यासन में चल रहे आवास संख्या बी 39 दारुल सफा ,को रिक्त कराने एवं सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के महामंत्री श्री जसवंत सिंह का लखनऊ में समायोजन करने का अनुरोध मुख्यमंत्री जी से किया था|मुख्यमंत्री जी ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था परंतु लगभग 3 महीने बाद भी स्थिति यथावत है | उच्च स्तर पर हुई वार्ता का क्रियांवयन नहीं होने से कर्मचारियों में शासन की कार्यप्रणाली पर अविश्वास उत्पन्न हो रहा है | अब कर्मचारियों ने आर पार की लड़ाई का मन बना लिया है | 11 सितंबर को प्रदेश के विभिन्न जनपदों एवं संयुक्त परिषद से संबंध संगठनों के 10,000 से अधिक कर्मचारी जीपीओ पार्क स्थिति गांधी प्रतिमा पर धरना देंगे एवं एनेक्सी का घेराव करेंगे | 11 सितंबर को ही आंदोलन की अगली रणनीति की घोषणा भी कर दी जाएगी | संयुक्त परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष बलिराम त्रिपाठी ने कहा कि जहां राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का यह गुट प्रदेश के कर्मचारियों के लिए सीधी लड़ाई पर उतर आया है ,वही परिषद के अन्य घटक हमारे आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं | इसी क्रम में एक घटक ने 6 सितंबर को जनपदों में धरना प्रदर्शन करने एवं दूसरे Ghatak ने 23 सितंबर को लखनऊ में बैठक बुलाकर निर्णय लेने की बात कही है | इन दोनों घटकों के निर्णयों से कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे | उनका मकसद हमारे 11 सितंबर के एतिहासिक कार्यक्रम को विफल करने का प्रयास है |उन्होंने कर्मचारियों से अपील किया है कि अब अधिक समय नहीं है किसी भी संगठन के झांसे में न आकर 11 सितंबर को लखनऊ में “घेरा डालो डेरा डालो ” के अंतर्गत आंदोलन करें एवं कर्मचारियों की मांगों को पूरा कराने में सक्रिय रुप से भागीदारी कर रही राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का योगदान करें l संयुक्त परिषद के अन्य घटकों एवं दूसरे संगठनों से भी 11 सितंबर के विशाल धरना प्रदर्शन एवं एनेक्सी के घेराव – कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लगातार अनुरोध किया जा रहा है | यदि संयुक्त परिषद के सभी घटक संगठन मिलकर एक संयुक्त लड़ाई का मन बनाने पर सहमत हो जाएं तो 11 सितंबर के कार्यक्रम को थोड़ा आगे पीछे करने पर भी विचार हो सकता है परंतु केवल 11 सितंबर के कार्यक्रम को विफल करने के लिए कोई Ghatak बैठक के नाम पर कर्मचारियों को गुमराह करता है तो यह स्थिति कर्मचारियों को समझनी होगी | राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार से आर-पार की लड़ाई की पहल कर दिया है ,इसको अंजाम तक पहुंचाना प्रदेश के कर्मचारियों का कार्य है |यदि कर्मचारियों ने संयुक्त परिषद का साथ दिया तो मैं विश्वास दिलाता हूं कि इस बार कर्मचारियों की सभी लंबित मांगों पर जब तक निर्णय नहीं हो जाता आंदोलन जारी रहेगा |
https://www.youtube.com/watch?v=YLlPJE-deBw
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