रिपोर्ट- वहाज अली खान(निहाल)
मैं जश्न मनाऊंगी मोरे वारिस घर आये, मैं तो छम-छम नाचू मोरे वारिस घर आये
सरकार वारिसे पाक के कुल शरीफ के बाद उर्स मुबारक हुआ पूरा

इटावा। दरगाह हज़रत अबुल हसन शाह वारसी में 93 वाँ चार रोज़ा उर्स मुबारक सुबह चार बजकर तेरह मि.पर सरकार हज़रत हाजी हाफिज़ सैय्यद वारिस अली शाह रह.के कुल शरीफ के बाद हुआ पूरा।देश के कोने-कोने से आये हज़ारों अकीदतमंदों ने रो-रो कर माँगी मन्नत-मुरादे और सभी के हक़ में की दुआये।हिंदुस्तान के मशहूर कव्वालों ने कुल के मौके पर अपने कलाम से महफ़िल को और यादगार बना दिया।दरगाह वारसी के सदर हाजी अहमद अली वारसी,सैक्रेट्री हसनैन वारिस वारसी आदि कई अक़ीदतमंदो ने अली वारिस एण्ड पार्टी मुम्बई को “मैं जश्न मनाऊँगी मोरे वारिस घर आये, मैं तो छम-छम नाचू मोरे वारिस घर आये।” पर ख़ूब नज़राने दिये।

सरकार वारिस पाक के कुल शरीफ के वक़्त दरगाह वारसी अकीदतमंदों से भरी हुई थी और दरगाह शरीफ की सजावट लोगों को अपनी ओर खींच रही थी।कटरा शहाब खाँ स्थित दरगाह वारसी में उर्स के अंतिम दिन सारी रात महफ़िल का दौर चला कव्वाल अफ्फान वारसी एण्ड पार्टी ने कहा कि ऐसा दूल्हा तुम्हे बनाया है,लाखों दूल्हे सलाम करते है।पहली बार देवा शरीफ से आये कव्वाल कमर वारसी ने भी खूब वाह-वाही लूटी एक से बढ़कर एक कलाम पेश किये।हाफिज़ मुमताज़ वारसी ने दुरूद ताज और तबरेज़ वारसी ने सरकार में सलाम पेश किया।सरकार के कुल के समय यहाँ का नज़ारा देखने योग्य था।उर्स के अंतिम दिन शहर के कई जगहों से अक़ीदतमंद कतार बनाकर चादर लेकर पहुँचे और अपनी मोहब्बत का सुबूत पेश किया।सुबह बाद कुल सभी ज़ायरीनों को ताबर्रुख(प्रसाद) देकर रुखसत किया।दरगाह शरीफ के कार्यकर्ता हाजी बुलाकी वारसी,रहीसुद्दीन वारसी,जलील अहमद,गफ़्फ़ार वारसी,मो.इलियास वारसी दानिश वारसी व फरीद वारसी आदि लोगों ने दरगाह शरीफ को सजाने में काफी मेहनत की।महफ़िल का संचालन मुरादाबाद के कशिश वारसी ने किया।उर्स के मौके पर मेहबूब शाह वारसी,अबरार वारसी,हसीन वारसी,सलीम वारसी,डॉ अयाज़ अली,वहाज अली निहाल,ख़ादिम अब्बास,मुमताज़ चौधरी,हयात वारसी,अनवार वारसी,खालिद वारसी,अब्दुल वारिस,ज़ीशान वारसी,जुगनू खाँ आदि काफी लोग मौजूद रहे।





