मौलाना नदवी को बोर्ड बाहर किये जाने के बाद, अब नया मुस्लिम पर्सनल लॉ बनाने की तैयारी
सलमान नदवी ने अवधनामा से कहा किसी नये प्रस्ताव पर पहले की जायेगी बातचीत, राम मंदिर फामूले पर अमल कराने को लेकर करते रहेंगे प्रयास

बोर्ड से बाहर होने के बाद नदवी कहा बोर्ड का फैसला सर आंखों पर
लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सुलह का फामूर्ला देना मौलाना सलमान नदवी को महंगा पड़ गया। मंदिर की वकालत के चलते ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उन पर एक्शन लेते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। बोर्ड द्वारा मौलाना पर की गयी कार्रवाई के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जदीद का गठन हो सकता है, इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिये गये हैं। राजधानी सहित कई उलेमा इस प्रयास में हैं कि नये पर्सनल लॉ बोर्ड का निर्माण किया जाये, हालांकि सलमान नदवी ने फिलहाल इस प्रकार के प्रस्ताव से इंकार किया है, उनका कहना है कि पर्सनल लॉ बोर्ड जदीद को लेकर यदि कोई प्रस्ताव आता है तो बातचीत की जायेगी।
खुद को बोर्ड से अलग किये जाने के सवाल पर उन्होंने यह भी कहा कि बड़ों का फैसला सर आंखों पर है, लेकिन वह लोगों से मिलते रहेंगे और राम मंदिर निर्माण के फार्मूले और सुझाव देने का काम करेंगे।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक से ठीक एक दिन पहले मौलाना नदवी ने आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रवि शंकर के साथ बेंगलुरु में बैठक के बाद अयोध्या विवाद सुलझाने के लिए फार्मूला दिया था। उनके सुझावों से लॉ बोर्ड काफी नाराज चल रहा था और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाई के लिए एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। पर्सनल लॉ बोर्ड ने शुक्रवार को ही हैदराबाद में अपनी बोर्ड मीटिंग में नदवी के फार्मूले को सिरे से खारिज कर दिया था। बोर्ड के सदस्य कासिम इलयास ने मौलाना नदवी को निकाले जाने की जानकारी देते हुए कहा की समिति ने ऐलान किया कि बोर्ड अपने पुराने रुख पर कायम रहेगा कि मस्जिद को न तो गिफ्ट किया जा सकता है, न बेचा जा सकता है और न शिफ्ट किया जा सकता है। क्योंकि सलमान नदवी इस एकमत रुख के विरोध में गए, इसलिए उनको बोर्ड से निकाला जाता है। बोर्ड की कार्रवाई से पहले मौलाना नदवी ने कहा था कि वह अयोध्या विवाद के निपटारे के लिए सुलह की कोशिशों में लगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि श्री श्री ने 20 फरवरी को अयोध्या में दोनों पक्षों की मीटिंग का अनुरोध किया है। बता दें कि मौलाना नदवी ने विवादित स्थल पर मंदिर और किसी और जगह मस्जिद बनाने को लेकर 3 सुझाव दिए थे, जिन्हें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और बाबरी मस्जिद से जुड़े दूसरे पक्षकारों ने खारिज कर दिया।
इससे पहले भी गठित हो चुके हैं कई और पर्सनल लॉ बोर्ड
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जदीद बनाने की बात कोई नहीं है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड बनने के बाद उत्तर प्रदेश में ही कभी शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का निर्माण किया गया तो कभी मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड बनाया जा चुका है। यह दोनों पर्सनल लॉ बोर्ड जब बने थे तो भी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस पर एतराज जताया था। जिस प्रकार मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में दो फाड़ हुए हैं इससे यही लगता है कि जल्द ही नया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का निर्माण होगा।
कुछ लोगों में तानाशाही चल रही है
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की हैदराबाद में शुक्रवार को तीन दिन दिवसीय बोर्ड मीटिंग शुरू हुई। बैठक में मौलाना नदवी की आलोचना की गई। नदवी भी हैदराबाद गए थे और उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक में उनका अपमान किया गया। उन्होंने कमाल फारूकी और एस.क्यू.आर. इलयास पर अपने अपमान का आरोप लगाया था। मौलाना नदवी ने अपने फार्मूले के बचाव में कहा कि वह शांति और सांप्रदायिक सौहाद्र्र सुनिश्चित करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लॉ बोर्ड में कुछ लोगों की तानाशाही चल रही है। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोई में 14 मार्च को अगली सुनवाई होनी है। कोर्ट के बाहर आपसी बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश के तहत बेंगलुरु में श्रीश्री रविशंकर और मौलाना नदवी समेत हिंदू-मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों के बीच बातचीत में तीन सुझाव सामने आए थे।
सीमाब नक़वी की रिपोर्ट
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