Wednesday, March 18, 2026
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बाबरी मस्जिद विवाद हल के लिए मार्च मे अयोध्या में हो सकती है बैठक

बाबरी मस्जिद विवाद हल के लिए मार्च मे अयोध्या में हो सकती है बैठक
लखनऊ : बाबरी मस्जिद और राम मंदिर का विवाद अदालत के बाहर आपसी बात चीत से सौहार्दपूर्ण वातावरण में हल  कोशिशें तेज़ हो गयी हैं जिसके लिए मार्च में हिन्दू मुस्लिम धर्मगुरुओं और अदालत में पक्षों की बैठक भी अयोध्या में हो सकती है।
विवाद के  सौहार्दपूर्ण माहौल के लिए मौलाना सलमान नदवी , पूर्व आई ए एस अनीस अंसारी , अतहर हुसैन , टीले वाली मस्जिद के मौलाना वासिफ हुसैन , सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन ज़ुफर फ़ारूक़ी , मौलाना ईसा मंसूरी , अबूबकर पूर्व चेयरमैन सेंट्रल हज समिति आदि ने श्री श्री रवि शंकर से मुलाक़ात कर इस मामले को शीघ्र ही हल कराने के लिए आगे आने को कहा श्री श्री रवि शंकर के साथ यह तीसरी मीटिंग थी।
सूत्रों के अनुसार बातचीत में कहा गया की मसले का ऐसा हल हो जो दोनों समुदाय के लोगों को मंज़ूर ताकि देश का माहौल सौहार्दपूर्ण बना रहे प्रीतिनिधिमण्डल में शामिल लोगों को देख कर यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है यह लोग अगर राम मंदिर पक्ष मस्जिद दूसरी जगह बनाने को कहता हैं तो उसपर सहमति बनाने की कोशिश की जा सकती है। क्योंकि मौलाना सलमान नदवी ाल इंडिया मुस्लिम परसनल ला बोर्ड की कार्यकारिणी के सदस्य हैं और ज़ुफर फारूकी उप्र सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन हैं।
इस मामले में अनीस अंसारी ने 9 सूत्री फार्मूला भी पेश किया जिससे सहमति बन पर आसानी हो सकती है।  श्री अंसारी ने कहा की अगर मामला अदालत में तै होगा तो ज़ाहिर है एक पक्ष जीतेगा दूसरा हारेगा ऐसे में रंजिश पनप सकती है क्योंकि यह दोनों समुदाय का धार्मिक मामला है और रंजिश दोनों समुदाय के लोगों के लिए अच्छी बात नहीं होगी देश का माहौल भी खराब हो सकता है ऐसे में अगर दोनों पक्ष की सहमति होगी तो माहौल भी ठीक रहेगा।
सूत्रों के अनुसार श्री श्री रवि शंकर को ज़िम्मेदारी सौंपी गयी है की वह जल्द ही अयोध्या में इस मामले के हल के दोनों धर्मों के रहनुमाओं की बैठक कर देश की जनता को सन्देश दें कि मसले का हल आपसी बात चीत से होगा।  जो मार्च में हो सकती है। अगर यह मीटिंग कामयाब होती है तो जमीयतुल उलेमा हिन्द , इक़बाल अंसारी , सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड समेत दोनों समुदाय के पक्षकारों से सहमति लेनी होगी।  यह पहल ऐसे समय पर हुई है जब सुप्रीम कोर्ट ने 7 मार्च से नियमित सुनवाई होना प्रस्तावित है।  क्योंकि कल ही अदालत ने इस मामले में दोनों पक्षों को दस्तावेज़ पेश करने को कहा है।  और पूर्व में अदालत ने कहा था कि अगर मसले का हल कोर्ट के बहार आपसी बात चीत से हो जाय तो अच्छी बात है
जहां तक बात चीत से हल का सवाल है वह पहले ही मंदिर वहीँ बनाने की बात पर एक पक्ष अड़ा  हुआ है जिससे ज़ाहिर है कि मस्जिद कहीं और बनाने की बात कर कहीं न कहीं मुस्लिम पक्ष को रज़ामंद होना पड़ेगा।
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