PANCHDEV YADAV —————
मलिहाबाद लखनऊ।राजधानी लखनऊ क्षेत्र के मलिहाबाद तहसील परिसर स्थित सरकारी आवास में रजिस्टार कानूनगो विशाल सिंह संदिग्ध परिस्थियों में मृत पाये गये। सवेरे लगभग 6 बजे पास के सरकारी आवास में रह रहे एक कर्मचारी रफीक ने आवाज दी जवाब न मिलने पर कर्मचारी ने इसकी सूचना पेशकार आशीष यादव को दी तो उन्होंने भी आवाज दी तो कोई जवाब नहीं मिला तब उन लोगों ने नायब तहसीलदार मलिहाबाद धर्मेन्द्र सिंह को फोन किया मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने पुलिस को सूचना दी पुलिस के पहुंचने पर दरवाजा खटखटाया गया और दरवाजे पर धक्का देने पर दरवाजा खुल गया। तो अन्दर पड़े बेड पर रजिस्टार कानूनगो का शव पड़ा मिला। पुलिस की सूचना पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार व उपजिलाधिकारी ने आनन फानन में शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा जहां डाक्टरों ने विशाल सिंह की मौत की पुष्टि कर दी।

मौत की सूचना पाकर तहसील पहुंचे परिजनों ने तहसील अधिकारियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते तहसील परिसर में लेखपाल संघ,अमीन संघ,कलेक्टेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ,रजिस्टार कानूनगो संघ,राजस्व निरीक्षक संघ के पदाधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में इकठठे हो गये और थाने में पुत्र कपिल कुमार सिंह की तहरीर दिलवाकर नायब तहसीलदार मलिहाबाद धर्मेन्द्र,तहसीलदार संतोष राय तथा एसडीएम जयप्रकाश के विरूद्व प्रताड़ना और हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाने पर अड़ गये। इस पर उक्त अधिकारियों के बचाव में अधिकारी विशेष रूप से तहसीलदार संघ के अध्यक्ष संजय यादव,तहसीलदार मोहनलालगंज , तहसीलदार सरोजनीनगर तथा कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर आ गये और मुकदमा न दर्ज करने का दबाव बनाने लगे। लेखपालों ने उनकी एक न सुनी तो मौके पर दो कम्पनी पीएसी और कई थानों की फोर्स बुलाकर लेखपालों पर दबाव बनाया गया। उन्हें यह बताया गया कि बिना डीएम की अनुमति के राजपत्रित अधिकारियों के विरूद्व सीधे रिपोर्ट दर्ज नहीं की जायेगी। इसलिए शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया जायेगा रिपोर्ट के आधार पर ही जरूरी होगा तो मुकदमा लिखा जायेगा।

कई घंटों तक यही सब चलता रहा तो नाराज लेखपाल संघ के आवहान पर शव को लेकर नई सड़क चौराहे के हरदोई लखनऊ राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया गया लगभग दो घंटे तक जाम लगने से दूर दूर तक वाहनों लम्बी लम्बी कतारें लग गयीं । तब पुलिस ने रहीमाबाद और अंधे की चौकी से डायवर्जन कर वाहनों को निकाला। लगभग साढ़े बजे जब एडीएम प्रशासन ने बताया कि डीएम ने रिपोर्ट दर्ज करने की अनुमति दे दी है तब कर्मचारियों की सहमति से पुलिस ने पंचानाम भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मृतक रजिस्टार कानूनगो विशाल सिंह के पुत्र कपिल सिंह ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि मंगलवार को रात्रि में उनके पिता तहसील से घर लौटे थे। थोड़ी देर बाद नायब तहसीलदार धर्मेन्द्र सिंह ने फोन कर फिर तहसील बुला लिया। कारण पूछने पर पिता ने बताया कि उन पर किन्हीं तीन फाइलों को फाइनल करवाने के लिए उनपर बार बार दबाव बनाया जा रहा है। आज भी इतनी रात्रि में तहसील बुलाया जा रहा है। बुधवार सवेरे सात बजे उन्हें पिता की मौत की सूचना दी गयी। तहसील पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि मेरे परिवार को बिना सूचना दिये बगैर नायब तहसीलदार मलिहाबाद द्वारा कमरे का ताला तोड़कर शव को आवास से सीएचसी पहुंचाया गया मुझे आशंका है कि मेरे पिता की हत्या की गयी है तथा नायब तहसीलदार द्वारा सबूत मिटा दिये गये हैं।

कपिल सिंह ने बताया कि उन्हें आशंका है कि उनके पिता के मुंह पर तकिया रखकर गला घोंट दिया गया है। बचाव की मुद्रा में उठे दांयें हाथ से जाहिर होता है कि उन्होंने आखिरी वक्त हत्यारे से बचने के लिए संघर्ष किया। वहीं उनके कपड़ों में काफी मात्रा में निकला मल और बेशाब स्पष्ट करता है कि तकिये से मुंह दबाकर उनकी बेरहमी से हत्या की गयी।
मृतक विशाल सिंह (58) के परिवार में पत्नी कमलेश सिंह (55) के अलावा पुत्र कपिल सिंह (25) व पुत्री रिचा सिंह (22) हैं। मृतक मूलरूप ग्राम पारा सैफपुर,मियांगज थाना आसीवन जिला उन्नाव व वर्तमान में म0नं0 356/318/319 मानस विहार,सरीपुरा आलमबाग लखनऊ में रह रहे थे।
इस प्रकरण पर क्षेत्राधिकारी प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि शव पीएम के लिए भेज दिया गया है रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी और जिन लोगों ने रोड जामकर प्रदर्शदन किया है उनकी वीडियोग्राफी करायी गयी है उन पर भी कार्यवाही की जायेगी।
———————————————————————————————————————
अवध न्यूज़ के साथ आप भी रहे अपडेट हमे लाइक करे फेसबुक पर और फॉलो करे ट्विटर पर साथ ही हमारे वीडिओ के लिए यूट्यूब पर हमारा चैनल avadh news सब्स्क्राइब करना न भूले अपना सुझाव हमे नीचे कमेंट बॉक्स में दे सकते है





