PANCHDEV YADAV
गोली मारकर हिरन को उतारा मौत के घाट
वन विभाग अज्ञात शिकारियों के पक्ष में लामबंद
रोड हादसा साबित करने में जुटे अधिकारी

मलिहाबाद,लखनऊ।राजधानी की मलिहाबाद कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव में शिकारियों ने एक हिरन को चार गोलियां मारकर हत्या कर दी। वहीं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 आरबी राम हिरन को रोड हादसे में बताने में जुटे रहे। इस तरह से विभागीय अधिकारी शिकारियों द्वारा हिरन को गोली मारने को हादसा बताकर जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रहे हैं।

शनिवार तड़के वाजिद नगर गांव के लोग नित्य क्रिया के लिए निकले तो सुबह लगभग 6 बजे गांव के किनारे स्थित बागों से गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई तो ग्रामीण सकते में आ गये। चली गोलियों की दिशा में जब ग्रामीण खोजते हुए पहुंचे तो वहां खून से लथपत मरणासन्न व्यस्क हिरन को तड़पते देखा जिसने ग्रामीणों के सामने ही दम तोड़ दिया। दुर्लभ प्रजाति के इस निरीहजीव की हत्या से आक्रोशित ग्रामीण आग बबूला हो गये और गोली चलाने वालों को ढूढ़ने के लिए चारों दिशाओं में फैल गये ग्रामीणों की आहट से चौकन्ना शिकारी भाग निकले।

गांव शिवपुरी निवासी अंकित यादव ने फोन कर थाना मलिहाबाद एवं पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंचे पुलिस और वन विभाग के लोगों ने हिरन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस घटना से आसपास के शिवपुरी,वाजिद नगर,कसमण्डी कला के ग्रामीणों में इस दुर्लभ जीव की नृशंस हत्या व्यापक आक्रोश व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग से हत्यारे शिकारियों के विरूद्व कठोर कार्यवाही की मांग की वहीं वन विभाग के अधिकारी लीपापोती में जुटे रहे।
ग्रामीण बतातें है कि साढ़े छः बजे सूचना मिल जाने के घंटों बाद भी पुलिस और वन विभाग के लोग मौके पर नहीं पहुंचे। शोसल मीडिया पर खबर होने पर दोनों विभागों के लोगों ने जैसे तैसे मामले को रफा दफा करने की शैली अपनाते हुए हत्या के बजाय रोड हादसा बताकर ग्रामीणों को गुमराह करते रहे।
इस विषय में पोस्टमार्टम कराने के जिम्मेदार उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 आरबी राम ने इसे मात्र रोड हादसा बताया। वहीं एलआईटी रेंज के रेंजर एसके शर्मा ने भी इसे रोड हादसा बताते हुए कहा कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आयी है जिससे गोलियां लगने की पुष्टि नहीं हो पायी है, तब इस संवाददाता ने श्री शर्मा के व्हाटसब नम्बर पर मृत हिरन के दो फोटो भेजकर चार गोलियां लगने की फोटो पुष्टि करते हुए उनके लोगों द्वारा बाद में सबूत मिटाकर हादसे का रूप देने वाले तीन फोटो भेजकर स्थिति से अवगत कराया तो उन्होंने कहा कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद यदि गोली मारने की पुष्टि होती है तो अज्ञात शिकारियों के खिलाफ हिरन की हत्या करने की सुसंगत धाराओं में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। वहीं विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि वन विभाग के अधिकारी बदनामी से बचने के लिए पीएम रिपोर्ट में गोली न लगने की रिपोर्ट जारी करवाने में जुटे हुए हैं। उम्मीद की जा रही है कि पीएम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि नहीं हो पायेगी। जबकि सवेरे की तस्वीरों में साफ-साफ तीन गोली लगने के निशान दिखाई दे रहे थे जिसे वन विभाग के लोगों ने मिटा दिया

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