
इस बारे में डॉ. नरेश त्रेहन कहते हैं कि उनका लखनऊ से दिल का रिश्ता है, क्योंकि उनकी पढ़ाई केजीएमयू में हुई है। इसलिए वह राजधानी के नागरिकों को विशेष चिकित्सा सेवा देना चाहते हैं। इसलिए वह लखनऊ में मेदांता ला रहे हैं। लखनऊ में बिताए जीवन के पांच सालों में लखनऊ ने उन्हें उस मुकाम पर पहुंचाया, जिसकी वजह से आज डॉ. त्रेहन के रूप में पहचान मिली ह
12 एकड़ में शहीद पथ के पास बन रहा मेदांता अवध हॉस्पिटल मॉर्डन सुविधाओं से लैस मेडिकल इंस्टीट्यूट होगा। इस हॉस्पिटल में 30 ऑपरेशन थिएटर, 1000 बेड, 300 क्रिटिकल केयर बेड और 20 से ज्यादा स्पेशल मरीजों के इलाज का इंतजाम होगा। इस अस्पताल के खुलने से प्रदेश के लोगों के आस -पास के जिलों व अन्य प्रदेशों के मरीजों को विशेष चिकित्सा मिल पाएगी।
मेदांता अस्पताल के खुलने से करीब 25 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा लखनऊ वासी लंबे समय से इस अस्पताल के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
डॉ. त्रेहन ने कहा कि वह मेदांता के जरिए लखनऊ और प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे लखनऊ को अपनी प्रोफेशनल मदर मानता हूं और यहां के लिए काफी काम करना चाहता हूं। आने वाले दिनों में लखनऊ मेडिकल का हब बनेगा और यहाँ भी मल्टी स्पेशल सुविधाओं के लिए दूर-दराज से लोग आएंगे।





