न्याय की आस में मुस्लिम महिला ने भेजा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व डीजीपी उ0प्र0 को रक्षा सूत्र
कानपुर नगर, एक मुस्लिम महिला जो वर्षो से पीडित है और न्याय पाने के लिए शिक्षा विभाग तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के चक्कर काट-काट कर थक चुकी है। उ0प्र0 के शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद पर कार्यरत पीडिता के पति ने बिना वैधानिक तलाक लिये हुए गैर कानूनी तरीके से जालसाजी करके दूसरा विवाह कर लिया लेकिन शिक्षा विभाग व स्थानीय पुलिस ने अभी तक कोई वैधानिक कार्यवाही नही की। न्याय पाने की आस में अब पीडिता ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उ0प्र0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व डीजीपी उ0प्र0 ओ0पी0 सिह को रक्षा सूत्र भेजकर अपनी रक्षा व न्याय की गुहार लगायी है।

अवैधानिक तीन तलाक का दंश झेल रही एक पीडिता वर्षो से न्याय पाने के लिए अधिकारियों और पुलिस के चक्कर लगा रही है, जब पीडिता को न्याय नही मिला तो उसने न्याय पाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उ0प्र0 मुख्यमंत्री आदित्य योगीनाथ तथा डीजीपी उ0प्र0 को राखी भलेकर न्याय की गुहार लगायी है। पीडित महिला क्रिकेट की नेशनल प्लेयर है तथा उसने बताया कि उसके पति ने बिना वैधानिक तलाक दिऐ दूसरी शादी कर ली जबकि कानून के अनुसार सरकारी नौकरी में रहते कोई भी व्यक्ति बिना तलाक के दूसरी शादी नही कर सकता। इस सम्बन्ध में पीडिता ने एडी बेसिक से इसकी शिकायत की तो उन्होने 15 दिन में कार्यवाई करने का भरोसा तो दिया था लेकिन आरोपी पति पर आज तक 2 वर्ष बीतने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नही की गयी। वहीं पीडिता ने आरोप लगाया है कि सरकारी तंत्र उसके पति की मदद कर रहा है। क्योंकि उसका आरोपी पति सभी अधिकारियों से शरियत की आड लेकर बचता रहता है जबकि आरोपी पति सरकारी शिक्षक है और उसपर राज्य आचरण नियमावली लागू होती है। पीडिता ने कहा कि अब वह सरकारी विभाग तथा प्रशासन के चक्कर काटकर परेशान हो चुकी है और अब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ही एक आस शेष है जहां से उसे न्याय की उम्मीद नजर आ रही है।
क्या है पूरा मामला
कर्नलगंज में सिददीकी मियां कम्पाउंड में रहने वाले मो0 सलमान उर्फ फरदीन खान से पीडिता की शादी 2011 में हुई थी। पीडिता का पति शिक्षा विभाग में बिल्हौर स्ािित एक सरकारी प्राइमरी स्कूल का अध्यापक है। पीडिता का आरोप है कि उसके पति ने 2016 में दूसरी शादी कर ली और उसके तलाक भी नही लिया और असंवैधानिक है।
क्या कहता है कानून
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खुर्शीद अहमद खान बनाम स्टेट आॅफ यूपी में 9 फरवरी 2015 के आर्डर में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति पर मुस्लिम नियम लागू नही होगा और इसे दुव्र्यवहार समझा जायेगा तथा ऐसे व्यक्ति को सरकारी नौकरी से हाथ धोना पडेगा। इस पूरे प्रकरण में कानून की जानकारी रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश फाइटर ने बताया कि पीडिता का पति राज्य सरकार के आधीन शिक्षक है, इसलिए उस पर राज्य आचरण नियमावली लागू होती है और जब तक वह पहली पत्नी को विधिक तलाक नही देता है तब तक उसे दूसरी शादी करने का अधिकार प्राप्त नही है और यदि उसने एसा किया है तो विभाग द्वारा विधिक कार्यवाही कर बर्खास्तगी की जा सकती है।
क्या कहती है पुलिस व शिक्षा विभाग के अधिकारी
इस प्रकरण के सम्बन्ध में जब थाना अनवरगंज के प्रभारी निरीक्षक से बात की गयी तो उन्होने कहा पीडिता को न्याय जरूर मिलेगा, जांच मै कर रहा हू तथा जो विधि संवत् होगा कार्यवाही की जायेगी। वहीं जब इस सम्बन्ध में शिक्षा विभाग के एडी बेसिक शिक्षा अधिकारी फतेह बहादुर सिंह से जानकारी चाही गयी तो वह बचते नजर आये और उन्होने वीडियो कांफ्रेसिंग का हवाला देते हुए फोन काट दिया।

सर्वोत्तम तिवारी की रिपोर्ट
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