मिन्नतुल्लाह ————–
टाण्डा नगर की शान है समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा 560 बालिकाओ का करा चुके है विवाह
सर्वधर्म सामूहिक विवाह व रोजा इफ्तार कार्यक्रम 18 जून को
टाण्डा अम्बेडकरनगर।अमीरी घूमती फिरती है सोने चाँदी की दुकानों पर ॥गरीबी कान छिदवाती है तो तिनका डाल लेती है ।
मशहूर शायर मुनव्वर राना द्वारा कहाँ गया यह शेर उन गरीबो पर बिलकुल सटीक बैठता है जिनके दुखो को समझने वाला कोई नहीं है लेकिन टाण्डा नगर के प्रमुख समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा ने नगर के इन गरीबो के आँसू पोछने का बीड़ा उठाये हुए है।जिले के प्रसिद्ध समाजसेवी धर्मवीर बग्गा जो सराहनीय कार्य कर रहे है उसकी जितनी भी प्रसंसा की जाये वह कम है यही वजह है की समाजसेवी धर्मवीर बग्गा का नाम समाज का हर तबका इज्जत के साथ लेता है और अपनी इसी समाजसेवा को आगे बढ़ाते हुए समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी सर्वधर्म सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन 18 जून दिन रविवार को मेला गार्डन में कर रहे है जिसमे गरीब बालिकाओ का विवाह पूरे विधि विधान के साथ उनके धर्म के अनुसार कराया जायेगा और इसके साथ ही उन नवविवाहित बालिकाओ को जीवन यापन हेतू उचित उपहार देकर विदा किया जायेगा ।धर्म वीर सिंह बग्गा का यही सामाजिक कार्य जिले के सभी नवयुवको को जहा नई प्रेरणा देता है वही उन उघोगपतियो के मुह पर एक तमाचा भी है की एक साधरण परिवार का व्यक्ति इस तरह के नेक काम कर रहा है।
समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा का समाजसेवा से गहरा नाता रहा है समाजसेवा की प्रेणना उन्हें विरासत में मिली है उनके पिता स्व करतार सिंह बग्गा नगर के प्रमुख समाजसेवी रहे है और अब उनकी विरासत को उनके पुत्र धर्मवीर सिंह बग्गा आगे बढ़ा रहे है और यही वजह है की उन्होंने अबतक लगभग 500 गरीब बालिकाओ का विवाह करवा चुके है और इन विवाह करवाने में इनको कई बार कठनाइयो तक का सामना करना पड़ा यहाँ तक की परिवार के बच्चों के नाम की एफ डी तक तोड़वा दिया और बीवी के गहने तक गिरवी तक रखना पड़ा लेकिन उन्होंने अपने कदम पीछे नही हटाया और अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ते रहे और उनकी इसी धृण संकल्प का नतीजा रहा की आज तक उनके विचार को कोई डिगा नहीं सका और अब उनके द्वारा करवाई जा रहे इस सामाजिक कार्य की सरहना हर कोई करने को मजबूर हो जाता है यही वजह है की जहा लोग एक बहन व बेटी के लिए तरसते है वही इस नेक बन्दे के पास सैकड़ो बहन व बेटिया है और उनको यह हर तरह का सम्मान भी देते है और आज भी त्योहारो का असली मजा तो इनके आवास पर ही देखने को मिलता है जहाँ रक्षा बन्धन के पर्व पर इनके हाथो में जगह नहीं बचती वही ईद व रमजान के मौके पर कई बहने इनके लिए दुआ और रोजा भी रखती है ।
समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा का समाजसेवा से गहरा नाता रहा है समाजसेवा की प्रेणना उन्हें विरासत में मिली है उनके पिता स्व करतार सिंह बग्गा नगर के प्रमुख समाजसेवी रहे है और अब उनकी विरासत को उनके पुत्र धर्मवीर सिंह बग्गा आगे बढ़ा रहे है और यही वजह है की उन्होंने अबतक लगभग 500 गरीब बालिकाओ का विवाह करवा चुके है और इन विवाह करवाने में इनको कई बार कठनाइयो तक का सामना करना पड़ा यहाँ तक की परिवार के बच्चों के नाम की एफ डी तक तोड़वा दिया और बीवी के गहने तक गिरवी तक रखना पड़ा लेकिन उन्होंने अपने कदम पीछे नही हटाया और अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ते रहे और उनकी इसी धृण संकल्प का नतीजा रहा की आज तक उनके विचार को कोई डिगा नहीं सका और अब उनके द्वारा करवाई जा रहे इस सामाजिक कार्य की सरहना हर कोई करने को मजबूर हो जाता है यही वजह है की जहा लोग एक बहन व बेटी के लिए तरसते है वही इस नेक बन्दे के पास सैकड़ो बहन व बेटिया है और उनको यह हर तरह का सम्मान भी देते है और आज भी त्योहारो का असली मजा तो इनके आवास पर ही देखने को मिलता है जहाँ रक्षा बन्धन के पर्व पर इनके हाथो में जगह नहीं बचती वही ईद व रमजान के मौके पर कई बहने इनके लिए दुआ और रोजा भी रखती है ।
धर्मवीर सिंह बग्गा ने सारी जिन्दगी समाजसेवा के लिए कर दी है न्यौछावर
टाण्डा अम्बेडकरनगर।जनपद क्या प्रदेश में समाजसेवा में अहम् मुकाम रखने वाले समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा ने हमेशा आपसी एकता व भाईचारे को आगे बढ़ाने का कार्य किया है इनकी इसी छवि की वजह से समाज का हर तबका इनकी खूब इज्जत करता है।समाजसेवा के क्षेत्र में धर्मवीर बग्गा ने जो कार्य किया है उसकी जितनी तारीफ की जाये कम है अबतक 44 लावारिश लाशो को उनके धर्म के अनुसार क्रियाक्रम करके समाजसेवा के साथ ही अभीतक 560 गरीब बालिकाओ का विवाह करा चुके है इसके अलावा आपसी एकता व भाईचारे की मिशाल 20 सालो से लगातार इनकी रोजा इफ्तार पार्टी रही है जो इस बार भी सामूहिक विवाह वाले दिन आयोजित हो रही है।इनके प्रतिष्ठान मेला फ़िलिग स्टेशन पर भूखे गरीबो के लिए रोजाना 3 टाइम लंगर चलता है जिससे गरीब अपनी भूख मिटाते है साथ ही लोगो की भलाई के लिए एक नेकी की दीवार भी इन्होंने बना रखी है।धर्मवीर सिंह बग्गा ने समाजसेवा के क्षेत्र में जो कार्य किया है वह पूरे देश में एक मिशाल है इन जैसे सामाजिक लोगो को ही यश भारती जैसे पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए जिससे इस पुरस्कार के शान में और इजाफा हो।





