मोहनलालगंज। मोहनलालगंज के मऊ गाँव में पूर्व प्रधान व तहसील प्रशासन की मिलीभगत से मोटीरकम लेकर बेसकीमती पंचायत भवन की सुरक्षित जमीन से 16फिट के रास्ते को बकायदा खतौनी में दर्ज कर प्लाटिगं कर रहे बिल्डरो को दे दिया गया।गलत तरीके से सुरक्षित जमीन से प्लाटिगं कम्पनी को दिये गये रास्ते को खतौनी से निरस्त किये जाने को लेकर ग्रामीणो ने बीते एक महीने में मन्डलायुक्त ,डीएम से लेकर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)से कई शिकायते की लेकिन लापरवाह तहसील प्रशासन डीएम से लेकर अपर जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी खतौनी में गलत तरीके से दर्ज रास्ते के आदेश को निरस्तकर रास्ता खाली करने की बजाय बिल्डर को सुरक्षित जमीन से दिये गये रास्ते को बचाने में जुटा है।वही तहसील प्रशासन के इस रवैये से ग्रामीणो में आक्रोश व्याप्त है।

मऊ गाँव के ग्रामीणो ने बताया मोहनलालगंज- गोसाईगंज मार्ग पर पङने वाली बेसकीमती पंचायत भवन की सुरक्षित जमीन गाटाँ स०-2051के कुछ भाग पर तहसील प्रशासन व पूर्व ग्राम प्रधान को मोटी रकम देकर गलत प्रस्ताव बनाने के साथ साँठ गाँठ कर पंचायत भवन के पीछे स्थित गाँटा स०-2079की जमीन पर प्लाटिगं कर रहे बिल्डरो ने पंचायत भवन की सुरक्षित जमीन की खतौनी में दो वर्ष पहले रास्ता दर्ज करा लिया।उक्त फर्जीवाढे की 6मार्च2018को सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा से लेकर अपर जिलाधिकारी( प्रशासन) श्री प्रकाश गुप्ता व मन्डलायुक्त से कर गलत तरीके से पंचायत भवन की सुरक्षित जमीन से खतौनी में दर्ज कर बिल्डर को दिये गये रास्ते को निरस्त करने की माँग की गयी।जिस पर जिलाधिकारी से लेकर एडीएम प्रशासन ने जाँच कर सुरक्षित जमीन को कब्जा मुक्त कराने के साथ खतौनी में दर्ज रास्ते को निरस्त किये जाने के आदेश एसडीएम मोहनलालगंज को दिये लेकिन एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी मामले में कार्यवाही करने की बजाय एसडीएम ने चुप्पी साध रखी है।
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राघवेंद्र तिवारी की रिपोर्ट





