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मनव्वर रिज़वी
सीएम महोदय आपके जिले में बैठकों और फरमान के बावजूद नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार
जिला अस्पताल में दवाओं व बर्न वार्ड के लिए ए0सी0 खरीदने का बजट नहीं लेकिन खरीदे जा रहे हैं फर्नीचर
इंसेफेलाइटिस की रोकथाम यहां युद्ध स्तर पर लेकिन सीएचसी परिसर में घूम रहे सुअर
भ्रष्टाचारियों को मिल रही नई तैनाती तो ईमानदार अधिकारियों को किया जा रहा दरकिनार

गोरखपुर । प्रदेश की कमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों में आने के बाद से यह कयास लगाया जा रहा था कि अब भ्रष्टाचार पर विराम लगेगा। हालांकि हर रोज बैठकों का दौर चल रहा और नये फरमान जारी हो रहे हैं लेकिन भ्रष्टाचार की गंगा अब पहले से ज्यादा मैली दिखने लगी है और भ्रष्टाचारी इस बहती गंगा में खुलेआम डुबकी लगा रहे हैं। जहाँ जिला अस्पताल में दवाओं व बर्न वार्ड के लिए ए0सी0 खरीदने का बजट नहीं बावजूद इसके लाख रुपयों के फर्नीचर बिना मतलब के खरीद लिए गए। इंसेफेलाइटिस पर लगाम लगाने की कवायद सरकार जोर शोर से कर रही है बावजूद इसके भटहट सीएचसी में खुलेआम सूअर घूम रहे हैं । प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की बात की जा रही है बावजूद इसके सीएम के शहर में जिलाधिकारी आवास के रास्ते अभी भी गड्ढे युक्त हैं और मानसून की एक बारिश के बाद नगर के ह्र्दयस्थल गोलघर की सड़कें उखड़ी नज़र आ रही हैं, जहाँ धूल उड़ने से लोगों को कष्ट तो हो रहा है साथ ही लोग शहर में कई जगह सड़क की उखड़ी गिट्टियों पर फिसल कर घायल हो रहे हैं। इसी कड़ी में बात करते हैं एक और मुद्दे की ।
विगत दिनों नगर पंचायत बड़हलगंज के सभासदों ने सामूहिक इस्तीफे की घोषणा करते हुए मंडलायुक्त गोरखपुर को अपना त्याग पत्र प्रेषित किया। सभासदों ने नगर पंचायत में अध्यक्ष द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को त्यागपत्र देने का प्रमुख कारण बताया। साथ ही जुलाई 2012 के बाद से बड़हलगंज नगर पंचायत में अब तक सात ईओ के आने और ईमानदार ईओ का जिला/शासन में पैसा देकर ट्रांसफर करा देने का आरोप अध्यक्ष पर लगाया जिसमें ईओ दयानंद पाठक, अरुण कुमार यादव, दुखी सिंह और पूजा सिंह परिहार शामिल हैं। मंडलायुक्त को दिए गए पत्र में सभासदों ने पंजाब नेशनल बैंक के तीन चेकों का भी जिक्र किया है । सभासदों ने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा ऐसे व्यक्ति को ईओ का चार्ज दिया गया जिसके ऊपर फर्जी चेक और जमीनों के हेरफेर के मामले में 419 व 420 का मुकदमा दर्ज है। इस्तीफा देने वाले सभासदों में से एक का कहना है कि वर्तमान में जिलाधिकारी द्धारा बड़हलगंज अटैच किए गए ईओ अवधेश वर्मा पिपराइच नगर पंचायत में ढाई करोड़ के सोलर घोटाले के साथ सहजनवा में थाने के बगल में लगभग एक करोड़ के गड्ढा घोटाले के मुख्य सूत्रधार रहे हैं बावजूद इसके जिलाधिकारी द्धारा अवधेश वर्मा को बड़हलगंज का भी चार्ज दिया जाना समझ से परे है।

बताते चलें कि लगभग ढाई करोड़ के पिपराइच सोलर घोटाले की जांच लोकायुक्त द्धारा की जा रही है जबकि सहजनवां थाने के बगल में लगभग एक करोड़ की लागत से खोदे गए गड्ढे की जांच का आदेश वर्तमान जिलाधिकारी राजू रौतेला ने अपने सहजनवा दौरे के दौरान दिया था जिसकी जांच रिपोर्ट का अभी इंतेज़ार है। यह बताना जरूरी है कि नगर पंचायत बड़हलगंज के सभासद इससे पहले नगर पंचायत में भ्रष्टाचार की शिकायत जिलाधिकारी से कर चुके हैं और जिलाधिकारी द्धारा एक बैठक के दौरान ईओ पूजा सिंह परिहार को मौखिक रूप से नगर पंचायत बड़हलगंज के ईओ का चार्ज लेने के लिए भी कहा गया था लेकिन तब जिलाधिकारी के आदेश पर निकाय बाबू राजकुमार यादव भारी पड़े और पूजा सिंह को चार्ज नहीं मिल पाया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले 12 वर्षों से निकाय बाबू के पद पर तैनात राजकुमार यादव के संरक्षण में ही जिले के तमाम निकायों में भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है जो जांच का विषय है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिले के कई विधायकों द्धारा जिलाधिकारी से शिकायत के बावजूद राजकुमार यादव अपने पद पर कब्ज़ा जमाये हैं।
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