लखनऊ । राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेष प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने जम्मू कष्मीर सरकार से भाजपा द्वारा समर्थन वापस लेने पर आष्चर्य व्यक्त करते हुये कहा कि सत्ता लोलुप लोगो ने तीन वर्ष पहले जम्मू कष्मीर में बेमेल समझौता करके सरकार बनाते समय कहा था कि यह देष हित में लिया गया फैसला है। भाजपा और पीडीपी गठबंधन की सरकार में देषहित सोचना दूर की बात है। भारतीय सेनाओं के मारे गये लगभग 600 जवानों की कुर्बानी को भारतीय जनता पार्टी यदि देषहित मानती है तो भी कोई आष्चर्य नहीं होना चाहिए क्योंकि एक के बदले दस सिर लाने की बात कहने वाले लोग शायद दस के बदले एक सिर ला पाये है।

त्रिवेदी ने कहा कि इसी प्रकार असम, त्रिपुरा और गोवा में भी इनका गठबंधन सत्ता के लालच में किया गया है जो सर्वथा बेमेल है। गोवा की मनोहर परिकर सरकार में गौमांस पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। स्पष्ट है कि भाजपा के खाने के दांत और तथा दिखाने के दांत और हैं। सत्ता का नषा और लालच दोनो ही भाजपा के सिर चढकर बोल रहे हैं तथा सभी फैसले चाहे जी0एस0टी0 और नोटबंदी तथा पेट्रोलियम पदार्थो के हो अथवा दिखावटी रूप में गंगा की सफाई या किसानों के सन्दर्भ में लिये गये फैसलों हो सभी जनहित से परे बैठते हैं यही कारण है कि देष की जनता कराह रही है।
रालोद प्रदेष प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू कष्मीर सरकार से समर्थन वापसी को भी भाजपा देषहित में लिया गया फैसला बताती है सोचना यह होगा कि समर्थन देना देषहित में था या समर्थन वापस लेना देषहित में है। भाजपा की दोहरी चाल और कुठाराघात करने वाली नीतियां बेरोजगारों नौजवानों, मजदूरों एवं किसानों के साथ साथ आम जनता द्वारा पहचान ली गयी हैं यही कारण है कि भाजपा का ग्राफ लगातार गिर रहा है और गिरेगा। सम्पर्क फार समर्थन केवल दिखावा बनकर रहकर जायेगा।
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