सीएम योगी जहा अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए प्रयासरत है वही यूपी का खनिज महकमा ही सीएम के प्रयासों को पलीता लगाते हुए खनन माफियाओं का मददगार बना हुआ है । आलम ये है कि खनन माफियाओ को फायदा पहुचाने के लिये परिवहन प्रपत्रों में हेराफेरी कर सरकार को लाखों के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है ।

लाखो की इस हेराफेरी से पर्दा तब उठा जब बाराबंकी के तेज तर्रार एसडीएम अजय द्विवेदी ने शक होने पर बाराबंकी और बहराइच जनपद की सीमा पर ओवरलोड बालू लदे दो ट्रकों को रोक कर उनके दस्तावेजो की जांच की । जांच में पाया गया कि परिवहन प्रपत्र एमएम 11 में कैसरगंज से लखनऊ की करीब 90 किलोमीटर की दूरी को कई गुना बढ़ा कर 650 किलोमीटर दर्शाया गया है ।

इस तरह दूरी में हेराफेरी कर परिवहन प्रपत्र की वैधता को 34 घण्टे कर एक ही परिवहन प्रपत्र पर 5 से 6 चक्कर बालू ढोया जा रहा है और सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है । इस खुलासे के बाद एसडीएम अजय द्विवेदी ने खनन विभाग के ज़िम्मेदार अधिकारियों को मामले की सूचना देकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए है ।
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