हिंदुस्तान की मशहूर और मारूफ मज़हबी शख्सियत मौलाना महमूदुल हसन खां का आज इंतेक़ाल हो गया है। उनकी आखिरी रुसूमात कल सुबह 10 बजे उनके आबाई वतन सुल्तानपुर के अमहट में अदा की जाएगी।

लगभग 75 वर्षीय मौलाना महमूदुल हसन लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में 25 मार्च से ज़ेरे इलाज थे। आज तक़रीबन एक बजे उन्होंने आखरी सांस ली और अपने माबूद हक़ीक़ी से जा मिले।उनके जनाज़े को अमहट ले जाया गया
मौलाना मरहूम हरदोई के पिहानी स्थित मदरसे और जौनपुर के मदरसे नासिरिया में प्रिंसिपल रहे हैं। इस्लाहे मुआशरा में आपकी ख़िदमात रही हैं जौनपुर में इमामे जुमा थे। आपके खुतबे में समाज की इस्लाह और हालाते हाज़रा का ज़िक्र ज़रूर होता था।मरहूम के पस्मान्दगान में 6 बेटे और 3 बेटियां हैं
मौलाना महमूदुल हसन के इंतेक़ाल पर इलाहबाद के मौलाना जव्वादुल हैदर , जौनपुर के मौलाना सफदर हुसैन ज़ैदी, मौलाना हसनैन करारवी, मौलाना सईदुल हसन ,मौलाना हसनैन बाकरी , मौलाना मिर्ज़ा जाफर अब्बास आदि ने शोक व्यक्त करते हुए उनकी ख़िदमात का एतराफ़ करते हुए उनके परिवार से ताज़ियत पेश की है।





