गोरखपुर के सीएमओ का कारनामा : बदल दिया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का ब्लड ग्रुप
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कहा सीएमओ के साथ ही जिला अस्पताल में फैली अव्यवस्था की हो जाँच
अवधनामा ब्यूरो
गोरखपुर । जिले के स्वास्थ्य विभाग में मची हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है । जहां एक तरफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरीके से पटरी से उतर गई है वहीं दूसरी ओर तमाम संगठन और पार्टियों ने भी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों पर उंगली उठाना शुरू कर दिया है । मंगलवार को प्रेस क्लब में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष पंडित बलिराम त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से जिला चिकित्सालय एवं मुख्य चिकित्साधिकारी की उच्चस्तरीय जांच की मांग किया। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रविंद्र कुमार पर अनेक अनियमितताओं का आरोप लगाकर उनके कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग किया । साथ ही जिला चिकित्सालय में मरीजों के साथ घोर लापरवाही का आरोप लगाते कहा की यह मुख्यमंत्री के साथ ही भाजपा की छवि को धूमिल करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रविंदर कुमार की भूमिका के साथ वर्तमान अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ0 पुष्कर आनंद का भी योगदान है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ने समाजवादी सरकार में गोरखपुर के दौरे पर आए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के ब्लड ग्रुप का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया और लापरवाह सीएमओ पर कार्यवाही की मांग की। बताते चलें कि पूर्व में 21 और 23 फरवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गोरखपुर के दौरे पर थे उस समय वर्तमान सीएमओ रविंद्र कुमार ने 21 फरवरी को अमित शाह के लिए बी पॉजिटिव ग्रुप के रक्त की व्यवस्था तथा 23 फरवरी को ए पॉजिटिव ग्रुप के रक्त की व्यवस्था का आदेश जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक को भेजे पत्र में किया था जो की घोर लापरवाही मानी जा रही है । हैरानी की बात यह है कि केंद्र और प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति की गई इस घोर लापरवाही के बाद भी गोरखपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रविंद्र कुमार अपने पद पर अभी तक बने हुए हैं । प्रेस वार्ता में श्री त्रिपाठी ने कर्मचारियों की अन्य समस्याओं का मुद्दा भी उठाते हुए कहां की अपनी इस प्रेस वार्ता के माध्यम से मुख्यमंत्री का ध्यान राज्य कर्मचारियों की समस्याओं के तरफ आकर्षित कराना चाहता हूं।





