पेन किंग पर कसता जा रहा सीबीआई का शिंकजा
विक्रम कोठारी की पत्नी साधना कोठारी को कई बैंकों में लेकर गई सीबीआई टीम
बैकों को चूना लगाने के आरोपी हैं विक्रम कोठारी पत्नी साधना कोठारी और पुत्र राहुल कोठारी

कानपुर महानगर। रोटोमैक ग्रुप आफ कंपनीज के मालिक विक्रम कोठारी पर ईडी तथा सीबीआई का शिकंजा कसता जा रहा है। उन्होने विभिनन बैंको के साथ लोन लेकर धोखाधडी की है। मामला लगभग 3600 करोड रू0 के घपले का है। कल मंगलवार को भी विक्रम कोठारी के आवास तथा उनके कार्यलय पर सीबीाई तथा ईडी द्वारा कार्यवाही जारी रही।
जांच के दौरान सीबीआई सभी कागजों की गहनता से जांच में जुटी हुई है। मंगलवार को जांच आगे बढते हुऐ सीबीआई की एकटीम ने विक्रम कोठारी की पत्नी साधना को बैंक ले गयी। सूचना के अनुसार विक्रम कोठारी की पत्नी साधना कोठारी को टीम शहर के कई बैंको में अपने साथ ले गयी। माना जा रहा है अन्य बैंको में भी कम्पनी तथा व्यक्तिगत खातों की जांच की जायेगी इसके साथ ही लाॅकर्स की जांच भी हो सकती है। टीम पत्नी साधाना को बैंक ऑफ बड़ौदा ले गयी बाद में मालरोड स्थित कोटेक महिंद्रा बैक भी ले गयी जहां खातो की पडताल की गयी। दूसरी तरफ कोठारी के घर पर पुलिस के साथ सीबीआई के अधिकारी मौजूद रहे। बैंके के लंबित मामलों की सुनवाई करने वाली नेशनल कंपनी लाॅ ट्रिब्युनल में बैंक लोन डिफाॅल्ट केस के मामले में कोठारी की तारीख 20 फरवरी लगी हुई थी। मामले में विक्रम की पत्नी साधना को सीबीआई टीम एनसीएलटी की सुनवाइ्र के लिए साथ लेकर गयी। ऐसा इस लिए किया गया कि वर्तमान में सीबाीई रेड पडी है। माना जा रहा है कि इतने बडे घपले में बैंक की भी संलिप्तता होगी ऐसे में बैंक कर्मचारियों और अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। दूसरी तरफ विक्रम केाठारी पर सीबीआई का शिंकजा कसता देखकर कानपुर ही नही बल्कि पूरे प्रदेश के कारोबारियों मे खलबली बच गयी है। इस मामले में उनके बेटे के खिलाफ भी माममला दर्ज कर उससे पूंछतांछ की गयी है साथ ही कोठारी की सभी चल और अचल संपत्ति के कागजों की पडताल जारी है। बताते चले कि विक्रम कोठारी पर 3 हजार 695 करेाड रू0 के घोटाले का आरोप लगा है। उन्होने लोन लेने के बाद मूल के साथ ब्याज न देने पर बैंक आफ बडौदा द्वारा शिकायत की गयी थी जिसपर कार्यवाही करते हुए सीबीआई तथा प्रवर्तन निदेशालय ने कोठारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है साथ ही विक्रम कोठारी, उनकी पत्नी साधाना तथा पुत्र राहुल कोठारी के साथ बैंक के अधिकारियेां को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल की माने तो फर्जी दस्तावेजों के सहारे 616.69 करोड रू0 बैंक द्वारा लेने का आरोप व शिकायत बैंक आफ बडौदा द्वारा लगाया गया। उन्होने यह मानने से इंकार नही किया कि इस पूरे प्रकरण में बैंक के अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है।
एनसीएलटी पहुंची कानपुर
कानपुर के एक होटल में मंगलवार को एनसीएलटी के अधिकारियों ने विक्रम कोठारी को हजारो करोड रू0 का कर्ज देने वाले बैंको के अधिकारियेां के बयान दर्ज किये। ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी के रूप में दिल्ली से अनिल गोयल आये थे। उम्मदी की जा रही थी कि विक्रम कोठारी ट्रिब्यूनल क समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे और कर्ज वापसी के लिए कोई सेटलमेंट हो सकता है, लेकिन कोठारी की तरफ से कोई फार्मूला न दिये जाने से अब मामला अगली सुनवाई तक के लिए लटक गया है। ट्रिब्यूनल के समक्ष बैंक आफ इण्डिया के जोनल मैनेजर मीनकेतन दास भी उपस्थित हुए लेकिन ट्रिब्यूनल की टीम सहित किसी भी बैंक अधिकारियों ने कार्यवाही को गोपनीय रखने के निमयो का हवाला देते हुए मीडिया से बात नही की।
सर्वोत्तम तिवारी की रिपोर्ट





