धनगर(गडरिया) अपने अधिकारों के लिए करेगा करो या मरो की लड़ाईराष्ट्रीय धनगर महासभा द्वारा समाज तहसीलदारो द्वारा धनगर अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र न बनाये जाने के विरोध में कानपुर से लखनऊ तक विशाल धनगर अधिकार पदयात्रा राष्ट्रिय अध्यक् जे पी धनगर के नेतृत्व में निकाली जाएगी |इसी संबंध में राष्ट्रिय अध्यक् जे पी धनगर यह बताना चाहते है कि उत्तर प्रदेश के अधिकारियों द्वारा अपनी हठधर्मिता के कारण जिले के मुख्यालयो पर धनगर समाज के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाये जा रहे है| जबकि समय-समय पर चाहे वो मा. अनुसूचित जाति आयोग हो चाहे वह प्रदेश के मा. मुख्यमंत्रीजी हो तथा मा. हाईकोर्ट ने भी इस संबंध में धनगर जाति के जाति प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश पारित कर चुके हैं।

इसी संबंध में राष्ट्रिय धनगर महासभा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के यहां धरना प्रदर्शन व ज्ञापन भी दिया जाता रहा है। लेकिन अधिकारियों के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण हमारा धनगर(गडरिए) समाज आंदोलन करने को मजबूर है। जबकि धनगर जाति वर्ष 1950 से ही उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाती की लिस्ट में क्रम संख्या 27 पर अधिसूचित चली आ रही है जो आज तक प्रभावी है |
माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने भी दिनांक 10-7-2006 को धनगर जाति को गडरिया की उपजाति मानते हुए धनगर जाति के अनुसूचित जाति के जाति प्रमाण पत्र बनाने का आदेश दिए हैं एवं 1-12-2014 को मा. राष्ट्रिय अनुसूचित जाती आयोग भारत सरकार ने भी धनगर जाती को गडरिया की उपजाति मानते हुए धनगर जाती के जाती प्रमाण पत्र बनाने के लिए प्रमुख सचिव समाज कल्याण उ. प्र. सरकार को लिखा तथा शोध संस्थान उ.प्र. ने भी धनगर जाती को गडरिया की उपजाति माना है। माननीय राष्ट्रिय अनुसूचित जाति आयोग भारत सरकार की फुल बेंच द्वारा दिनांक 3-12-2008 को तथा 16-1-2013 को धनगर जाति के जाति प्रमाण पत्र के लिए मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा है तथा उत्तर प्रदेश सरकार ने भी 24-10-2013, 16-12-2016, 30-06-2017, 26-09-2017, 11-10-2017, 08-11-2017 तथा 7-2-2018 को भी प्रमुख सचिव, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलाअधिकारियों को धनगर अनुसूचित जाति के जाति प्रमाण पत्र बनाने के आदेश दिए हैं इसके बाद भी कुछ जनपदों में धनगर जाति प्रमाण पत्र बन रहे हैं। अधिकांशतः जनपदों में धनगर जाति के जाति प्रमाण पत्र तहसीलदारो द्वारा नहीं बनाये जा रहे है इसी संबंध में माननीय जे पी धनगर राष्ट्रीय अध्यक्ष धनगर महासभा ने कटाक्ष किया कि तहसीलदार मा. मुख्यमंत्री जी से बड़ा होता है क्या ?
जे पी धनगर जी ने कहा कि अधिकारियों की उपेक्षा से आहत होकर समाज आंदोलनरत है जिसमे कि समाज करो या मरो की स्थिति लेकर दिनांक 18-3-2018 को डॉक्टर चिरंजीलाल राजकीय इंटर कॉलेज किदवई नगर कानपुर से हजारों की संख्या में विशाल धनगरगडरिया अधिकार पदयात्रा को लेकर विधानसभा का घेराव करेगी | यह यात्रा दिनांक 18-3-2018 को कनौजिया पेट्रोल पंप मैं रात्रि विश्राम करेगी तथा यह यात्रा 19-3-2018 को पुनः चलकर अजगैन नवाबगंज में रात्रि विश्राम करेगी तथा यह यात्रा 20-3-2018 को पुनः चलकर दीप गेस्ट हाउस सरोजिनी नगर लखनऊ में रात्रि विश्राम करेगी तथा दिनांक 21 जून 2018 को लाखों की संख्या में धनगर गडरिया पदयात्रा विधानसभा का घेराव व प्रदर्शन करेगी
माननीय जे पी धनगर ने यह भी कहा कि धनगर(गडरिया) समाज की आबादी उत्तर प्रदेश की विधानसभाओं में 15000 से लेकर 75000 मतदाता के रूप में निवास करती है जबकि 1952 में इसी समाज के स्वर्गीय बंशीधर धनगर MP भी हुए थे |यह धनगर अधिकार पदयात्रा शांतिपूर्वक गांधीवादी तरीके से की जाएगी |
धनगर(गडरिया) अपने अधिकारों के लिए करेगा करो या मरो की लड़ाई
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