रंग लाई चित्तौरा में बड़े भैय्या की मेहनत।अलग राजनीतिक समीकरण की सुगबुगाहट
एकदम अलग अन्दाज़ में हुआ चित्तौरा प्रमुख का यह चुनाव

बहराइच।जनपद के ब्लाक चित्तौरा पर सपा की महिला प्रमुख फाईमा शेरवानी ने बीजेपी सरकार बनते ही इस्तीफा दे दिया था।इस इस्तीफ़ा देने के पीछे अपने को बीजेपी से प्रमुख बनने की बात करने वाले राजा पयागपुर याशवेंद्र विक्रम सिंह की पत्नी शाम्भवी सिंह द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैय्यारी थी।इस इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर 124 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 119 सदस्यों ने मतदान किया जिसमें बीजेपी प्रतियाशी ममता वर्मा को चुनाव जिता कर प्रमुख बना दिया इस चुनाव में हुई मतगणना में बीजेपी प्रतियाशी ममता वर्मा को 61 मत मिलेे निर्दल प्रतियाशी शाम्भवी सिंह को 40 मत मिले वही 18 मतों को अवैध घोषित किया गया।इस चुनाव में अविश्वास लाने की बात करने वाले अपने को बीजेपी का नेता बताने वाले राजा का टिकट काट कर एक ऐसे प्रतियाशी को बीजेपी ने मैदान में उतार दिया जो एकदम नया था जिससे लोगो मे तमाम तरह के कयासों का लगना शुरू हो गया।

मगर लोगों का मानना है कि राजनीति ही एक ऐसी चीज़ है जिसमे कब क्या हो जाए कोई सोंच नही सकता।देश मे जहा एक तरफ बीजीपी से लडने के लिए एक से एक एक दूसरों पर ज़हर उगलने वाली पार्टियां आपस मे गठबंधन करने पर मजबूर हो गई है वही कुछ ऐसी भी शख़्सियतें राजनीति में है जो अपने बल पर अपनी सादगी का एहसास कराकर जो लोग कभी बीजेपी को वोट देने के बारे में सोंच भी नही सकते है उनका मतदान बीजेपी के पक्ष में करवाने की क्षमता रखते है।जिसका उदाहरण जनपद बहराइच में ब्लाक चित्तौरा पर रिक्त हुई प्रमुखी के दोबारा चुनाव में देखने को मिला।जहाँ बेसिक शिक्षा एवं बाल पुष्टाहार मंत्री अनुपमा जायसवाल के निर्देशन में इस चुनाव के प्रभारी पूर्व विधायक कुँवर अरूणवीर सिंह बड़े भैय्या ने कर दिखाया।एक ओर जहां बीजेपी के बैनर तले चुनाव लड़ने की बात कर रहे राजा की पत्नी का टिकट कटा जनपद में चुनाव को तमाम कयासों गुणाभाग का बाज़ार गर्म हो गया।एक ओर जहां एक पार्टी में बगावत की बात कर क्रॉस वोटिंग की चर्चा बढ़ गई वही दूसरी ओर एक खैमा उपापोह कि स्थिति में आ गया तभी अपनी सरल शैली सेकुलर नेता के रूप में जनता की हर समस्या को अपनी समस्या समझकर जीजान लगा देने वाले पूर्व विधायक बीजेपी के टिकट से मटेरा विधानसभा लड़ चुके कुँवर अरुणवीर सिंह उर्फ बड़े भैय्या ने सपा की उसी प्रमुख फाईमा शेरवानी सहित एक विशेष वर्ग के लोगो को एक बैनर तले जमा करके अपनी पूरी टीम को साथ लेकर चुनाव में लग गए जिन्होंने बीजेपी सरकार आते ही अपनी प्रमुखी के पद से इस्तीफा दे दिया था बड़े भैय्या के साथ एक पूर्व सत्ताधारी मंत्री के काफ़ी करीबी लोगों में गिने जाने वाले सैकड़ों लोगों ने बीजेपी की इस सीट को जितवाकर कर जनपद में अलग तरह से बनने वाले राजनीतिक समीकरण की सुनगुनी फैला दी चर्चाओं का दौर गर्म हो गया है इसका आने वाले लोकसभा 2019 में क्या असर होगा इंतेज़ार सभी को रहेगा।





