Wednesday, March 18, 2026
spot_img
HomeMarqueeउत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराएगी फ़िल्म गोपी भीना

उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराएगी फ़िल्म गोपी भीना

BRIJENDRA BAHADUR MAURYA
उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराएगी फ़िल्म गोपी भीना
पारिवारिक मनोरंजन से भरपूर होगी फ़िल्म
फ़ोटो-प्रेस वार्ता में जानकारी देती फ़िल्म निर्माता मिनाक्षी भट्ट

लख़नऊ।अगर आप उत्तराखण्ड जाकर वहां की खूबसूरती और संस्कृति से परिचित होना चाहते है तो आपकी यह चाहत एक फ़िल्म पूरी कर देगी। चार मुख्य कलाकारों के छोड़कर शेष सभी उत्तराखंड के स्थानीय कलाकरों के अभिनय से फ़िल्म का निर्माण हुआ है।

अनमोल प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म गोपी भीना पिथौरागढ़ उत्तराखंड में प्रीमियर होने के बाद मुंबई,पुणे ,नाशिक,दिल्ली,रोहतक गाजियाबाद,चंडीगढ़ के बाद देवभूमि उत्तराखंड में दस्तक दे रही है। 21 मई को राजस्थान के जयपुर में देश के सबसे बड़े सिनेमा हॉल और विश्व के तीसरे स्थान पर पैठ बनाने वाले राजमंदिर में प्रदर्शित होगी फ़िल्म गोपी भीना।लख़नऊ में प्रेस वार्ता के दौरान फ़िल्म गोपी भीना की निर्माता मीनाक्षी भटट ने बताया की उत्तराखंड की नई सरकार से फिल्म उद्योग में खासा उत्साह है और फ़िल्म निर्माण से जुड़े लोगो का कहना है को उत्तराखंडी फिल्मों को भी पहचान मिले ताकि राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की फिल्मो का नामांकन किया जा सके इसके लिए सरकार को चाहिए कि उत्तराखंड की बनी फिल्में सब्सिडी के दायरे में आए। मिनाक्षी ने बताया की सरकार की कोई स्पष्ट फिल्म नीति ना होने की वजह से स्थानीय फ़िल्मी दम तोड़ रही है अतः इसके लिए इस दिशा में प्रयास तेज किए जाने चाहिए। फ़िल्म का निर्माण प्रोडक्शन मेनेजर जगजीवन कन्याल तथा उत्तराखंड फिल्म जगत के जाने-माने निर्देशक अशोक मल्ल के दिशा निर्देशन में बनाई गई है।फिल्म ना केवल पारिवारिक हास्य व्यंग्य मनोरंजन से भरपूर है बल्कि प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या पलायन के प्रति लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर देती है
मीनाक्षी भट्ट ने बताया कि बड़े पर्दे की पहली बार कोई उत्तराखंडी फिल्म तैयार हुई है और जिसे पूरी तरह प्रोफेशनल अंदाज में बनाया गया है। फिल्म के सिर्फ चार मुख्य कलाकार है जिसमे हिमानी शिवपुरी हेमंत पांडे त्विषा भट्ट और संजय सैलोडि।हेमंत पाण्डेय पोस्टमैन की एक अनोखी भूमिका में नजर आएंगे जो कि चिट्टियां भारतीय समय अनेकों किस्म के लोगों से मिलते हैं और उनके सुख दर्द को महसूस कर उनका निवारण प्रदान करने में सहायक होते हैं। फ़िल्म की लागत एक करोड़ से ऊपर की है तथा फ़िल्म का अधिकतर भाग उत्तराखंड में ही शूट हुआ है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular