पांच साल तक पाकिस्तान जेल में कैद मध्यप्रदेश के जितेंद्र को अपनी खास मुहिम से वतन वापस ला कर रियल लाइफ के बजरंगी भाई जान के नाम से मशहूर हुए सैयद आबिद हुसैन ने अब पडोसी जनपद आज़मगढ़ की रेहाना बेगम को इन्साफ दिलाने की जंग छेड़ दी है जिन के पति की आज से 7 साल पहले सऊदी में एक रोड दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी । रेहाना के परिजनों को जहां अपने घर के मुखिया को मुट्ठी भर मिटटी और जनाजे को कंधा देना नसीब नहीं हुआ वही एक पैसे की आर्थिक मदद भी नही मिली जिस के कारण ग़ुरबत की मार से आज पूरा परिवार दर दर की ठोकरे खा रहा है ।

अंतररास्ट्रीय स्तर पर पीड़ित मानवता के जख्मो पर मरहम लगाने का बीड़ा उठाये जिले के रुद्रपुर भगाही निवासी समाजसेवी आबिद हुसैन से उक्त परिवार को उम्मीद की किरण मिली है क्योंकि 10 मई को आबिद हुसैन ने भारतीय दूतावास सऊदी और भारत की विदेश मंत्री को ट्वीट भेज कर रेहाना बेगम के परिवार का दुखड़ा बताया जिस पर भारतीय दुतावास सऊदी ने रेहाना बेगम के पति सेराज अहमद के साथ घटित पूरी घटना की डिटेल ऑफिसियल मेल पर मांगी है जिस से पीड़ित परिवार को मदद मिलने की उम्मीद जगी है । आबिद हुसैन की ट्विटर पर शुरू हुई हेल्प रेहाना नाम से मदद पर हजारों लोगो ने अपना समर्थन दिया है ।
बता दे कि पडोसी जनपद आजमगढ़ के बहाउद्दीनपुर फूलपुर निवासी सेराज अहमद की मृत्यु 23 नवंबर 2011 को सऊदी अरब में एक दुर्घटना में हो गयी थी उस समय सेराज की बेवा रेहाना बेगम को कोई मदद नहीं मिली न ही उन के पति का शव ही भारत आया बताया गया कि उन के शौहर का वही कफ़न दफ़न कर दिया गया। रेहाना का पूरा परिवार अत्यंत गरीब है जिसे कोई मदद नहीं मिली अब आबिद हुसैन से एक उम्मीद जुड़ गयी की उसे कोई आर्थिक मदद मिले जिस से रेहाना का परिवार खुशहाली की जिंदगी गुजर कर सके।
आबिद हुसैन बने लोगो के चहेते ।
अंतररास्ट्रीय स्तर पर लोगो की मदद पहुंचाने वाला जिले का ये लाल लोगों के आँखों का तारा बन गया है तथा पुरे देश में अपने गाँव और जिले का नाम रौशन कर रहा है शीघ्र ही कई संस्थाओं ने आबिद हुसैन को सम्मानित करने का एलान किया है ।





