Thursday, January 22, 2026
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योगी सरकार का ‘सुरक्षा कवच’ होगा और मजबूत, 1600 मिशन शक्ति केंद्रों को मिलेंगी 6400 स्कूटी और मोबाइल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प के तहत, उत्तर प्रदेश सरकार मिशन शक्ति अभियान को मजबूत कर रही है। 2026 तक सभी 1600 मिशन शक्ति केंद्रों को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा। महिला पुलिस टीमों को गतिशीलता के लिए 6400 स्कूटी और त्वरित संवाद के लिए मोबाइल हैंडसेट मिलेंगे। 67 करोड़ के इस मास्टरप्लान से महिलाओं को एक छत के नीचे त्वरित न्याय, कानूनी सहायता और जागरूकता मिलेगी, जिससे यूपी देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनेगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की ‘आधी आबादी’ की सुरक्षा और स्वावलंबन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प अब धरातल पर नई रफ्तार पकड़ने वाला है। मिशन शक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। वर्ष 2026 में प्रदेश के सभी 1600 मिशन शक्ति केंद्रों को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा। इसके तहत महिला पुलिस टीमों की गतिशीलता बढ़ाने के लिए उन्हें दो पहिया वाहन और त्वरित संवाद के लिए मोबाइल हैंडसेट की सौगात दी जाएगी।

67 करोड़ का मास्टरप्लान: गांव-गली तक पहुंचेगी मदद

महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन (WCSO) की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत स्थापित 1600 केंद्रों को सशक्त करने के लिए करीब 67 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

स्कूटी से बढ़ेगी ‘रफ्तार’: प्रत्येक मिशन शक्ति केंद्र को 4 स्कूटी आवंटित की जाएंगी। कुल 6,400 नई स्कूटी की खरीद से महिला पुलिसकर्मी किसी भी आपात स्थिति में संकरी गलियों और दूर-दराज के गांवों तक मिनटों में पहुँच सकेंगी।

मोबाइल से ‘रियल-टाइम’ कनेक्टिविटी: हर केंद्र को एक आधुनिक मोबाइल हैंडसेट दिया जाएगा, जिससे शिकायतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और उच्चाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा।

एक ही छत के नीचे समाधान और त्वरित कार्रवाई

मिशन शक्ति केंद्र केवल शिकायत दर्ज करने का स्थान नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ के रूप में उभरे हैं। एडीजी के अनुसार, इन संसाधनों के आने से इन केंद्रों की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाएगी:

त्वरित न्याय: संसाधनों की उपलब्धता से पुलिस की प्रतिक्रिया समय (Response Time) में कमी आएगी।

संवेनदशील सहयोग: इन केंद्रों पर महिलाओं को काउंसलिंग, कानूनी सहायता, मेडिकल सपोर्ट और पुनर्वास जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे प्रदान की जा रही हैं।

जागरूकता अभियान: दो पहिया वाहनों की मदद से महिला बीट अधिकारी गांवों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक कर सकेंगी।

सुरक्षित यूपी: ‘पिंक बूथ’ से ‘एंटी रोमियो स्क्वाड’ तक का सफर

योगी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में महिला सुरक्षा के एक व्यापक इकोसिस्टम का निर्माण किया है। एंटी रोमियो स्क्वाड, पिंक बूथ, महिला डेस्क और फास्ट ट्रैक कोर्ट की सफलता के बाद अब मिशन शक्ति केंद्रों का हाई-टेक होना अपराधी तत्वों में खौफ पैदा करेगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक तकनीक और फील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर के मेल से उत्तर प्रदेश को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाया जाए, जहाँ हर महिला निर्भय होकर अपने सपनों को उड़ान दे सके।

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