र्नाकुलम जिले के चेराई और मुनंबम गांवों में निवासियों ने आरोप लगाया है कि वक्फ बोर्ड उनके भूमि और संपत्ति पर अवैध रूप से स्वामित्व का दावा कर रहा है जबकि उनके पास पंजीकृत दस्तावेज और भूमि कर भुगतान रसीदें हैं। जब लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित हुआ तो समुदाय के लोगों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। इसमें अधिकतर ईसाई हैं।
मुनंबम के निवासी उस समय खुशी से झूम उठे जब लोकसभा ने वक्फ संशोधन विधेयक को पारित किया। लोकसभा में बुधवार-गुरुवार मध्यरात्रि के बाद विधेयक पारित होने के तुरंत बाद मुनंबम तटीय क्षेत्र के लगभग 600 परिवारों ने पटाखे फोड़े।
बीजेपी ने इसे सभी नागरिकों के लिए संपत्ति के अधिकार को कायम रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। खासतौर पर केरल के एर्नाकुलम जिले के मुनंबम गांव का जिक्र करते हुए। यह मुनंबम गांव वही है, जहां 400 एकड़ जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा
मुनंबम भू संरक्षण समिति के बैनर तले 173 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे इन लोगों ने नरेन्द्र मोदी जिंदाबाद जैसे नारे लगाए और उम्मीद जताई कि नया कानून लागू होने के बाद यह मुद्दा सुलझ जाएगा। इन प्रदर्शनकारियों में अधिकतर ईसाई हैं।
मुनंबम समुदाय में खुशी
समिति के संयोजक जोसेफ बेनी ने उम्मीद जताई कि विधेयक लागू होने पर उन्हें अपनी संपत्तियों पर राजस्व अधिकार मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद में केरल के निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे कांग्रेस और वाममोर्चा के सांसद मुनंबम समुदाय की चिंताओं को आवाज देने में विफल रहे, जिससे लोगों को दुख हुआ है।
एर्नाकुलम जिले के चेराई और मुनंबम गांवों में निवासियों ने आरोप लगाया है कि वक्फ बोर्ड उनके भूमि और संपत्ति पर अवैध रूप से स्वामित्व का दावा कर रहा है, जबकि उनके पास पंजीकृत दस्तावेज और भूमि कर भुगतान रसीदें हैं।