Tuesday, March 3, 2026
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सात फेरे रोक जब बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा देने कॉलेज पहुंच गई एक दुल्हन, आंखें फाड़-फाड़कर देखने लगे लोग

परीक्षा कक्ष में शादी के जोड़ा पहने देखकर छात्र छात्राएं और शिक्षक हैरत भरी निगाहों से दुल्हन प्रियंका को देख रहे थे

कालेज के प्राचार्य ने परीक्षार्थी के इस कार्य की सराहना करते हुए उसके मंगलमय जीवन के लिए दी शुभकामनाएं

महोबा। शादी के फेरे लेने से पहले दुल्हन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा देने के लिए महाविद्यालय पहुंची। कालेज में पेपर देने पहुंची दुल्हन को शादी के जोड़े में देखकर परीक्षार्थी व शिक्षक अचरज भरी निगाहों से देखते रहे, बावजूद इसके दुल्हन का जोड़ा पहने परीक्षार्थी ने शिक्षा को अहमियत देने हुए अपनी परीक्षा देकर एक मिशाल कायम की। परीक्षा समाप्त होने के बाद कालेज के प्राचार्य ने परीक्षार्थी के इस कार्य की सराहना करते हुए उसके मंगलमय जीवन के लिए शुभकामनाएं दी।

नगर के साईं कालेज आफ एजुकेशन में बीकॉम तृतीय सेमेस्टर की छात्रा प्रियंका कुशवाहा का मंगलवार को ही विवाह होना था साथ ही उसके सेमेस्टर की परीक्षा भी इसी दिन थी। विवाह और परीक्षा को लेकर छात्रा काफी डरी हुई थी कि कहीं परीक्षा देने से उसके परिजन मना न कर दे, बावजूद इसके वह विवाह की सारी रस्मों को अदा करते हुए पढ़ाई करती रही और परीक्षा के दिन उसने माता पिता से पेपर देने की मंशा जाहिर की, जिस पर परिजन भी समाज की परवाह किए बिना अपनी बेटी की ख्वाहिश को पूरा करने के लिए रजी हो गए।

प्रियंका भी शादी का जोड़ा पहने हुए खुशी खुशी परीक्षा देने के लिए कालेज पहुंच गई। परीक्षा कक्ष में शादी के जोड़ा पहने देखकर छात्र छात्राएं और शिक्षक हैरत भरी निगाहों से प्रियंका को देख रहे थे, वहीं कुछ लोग शिक्षा के प्रति इतना लगाव देखकर छात्रा की सराहना करते नजर आए।परीक्षा खत्म होने के बाद कालेज के प्राचार्य डॉ. एलसी अनुरागी ने छात्रा के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि प्रियंका ने सिद्ध किया है कि शिक्षा राष्ट्र की रीढ़ है।

परीक्षार्थी का आज विवाह है, लेकिन वह परीक्षा देने कालेज आई है, जो छात्राओं के लिए एक मिशल देते हुए नारी सशक्तिकरण का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है। वहीं प्रियंका का कहना है कि प्रत्येक माता पिता को अपने बेटो की तरह बेटियों को भी शिक्षित कराना चाहिए तभी राष्ट्र मजबूत होगा। कहा कि उनके माता पिता ने किसी की परवाह किए बिना मेरे सपनों को साकार करने में मेरा हमेशा साथ दिया है। अंत में प्राचार्य व समस्त महाविद्यालय परिवार ने परीक्षार्थी को मंगलमय जीवन के लिए शुभकामनाएं दी।

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