पौने तीन करोड़ की पेयजल परियोजना का सात साल में भी नहीं हो सका ट्रायल

 | 

अवधनामा संवाददाता 

अम्बेडकरनगर। नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के बसखारी बाजार में करीब दो करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से धरातल पर उतरी पाइप पेयजल परियोजना की गुणवत्ता से जिम्मेदारों ने खिलवाड़ कर दिया। इसके जरिए भटपुरवा, खेमपट्टी, बिठलापुर, बसखारी बाजार में लाखों की आबादी को शुद्ध पानी दिया जाना था। परियोजना के पूरा होने पर ट्रायल के दौरान ही इसके घटिया निर्माण और गुणवत्ता की पोल खुलने लगी। लगातार मरम्मत के बाद भी इसमें सुधार की गुंजाइश नहीं रही। घरों तक पानी भी नहीं पहुंचा और यह परियोजना जलभराव की वजह बन गई।

वर्ष 2013-14 में इसका निर्माण शुरू होने पर नागरिकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, लेकिन सालभर में पूरी होने वाली परियोजना चार साल बाद वर्ष 2019 में पूर्ण हो सकी। इसके बाद से ट्रायल का दौर आज तक पूरा नहीं हो सका। पाइपों के क्षतिग्रस्त होने के चलते बसखारी पश्चिमी चौराहा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसखारी के सामने, मौर्या हास्पिटल की गली, भगड़िया जैसे अन्य स्थानों पर पानी लीकेज के चलते जलभराव हो जाता है। मुख्य पाइपलाइन में लीकेज के अलावा सह पाइपलाइन भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने के चलते गलियों में पानी से कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो गई है।बसखारी बाजार के साकेत जलयोग के पास रामलीला मैदान के निकट तथा बसखारी कस्बे की गलियों में कई स्थानों पर पानी का रिसाव होने से शुद्ध पेयजल की बर्बादी के साथ लोगों को आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण पेयजल योजना के तहत जल निगम द्वारा निर्मित खेमपट्टी गांव के पास स्थित पानी की टंकी के बाबत पूछे जाने पर अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अभी नगर पंचायत को पानी टंकी हस्तांतरित नहीं हुई है। इसकी मरम्मत कराने की जिम्मेदारी अभी जलनिगम के पास ही है।