ट्रेन की चपेट में आये एक दर्जन गोवंशीय पशुओं की दर्दनाक मौत

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ट्रेन की चपेट में आये एक दर्जन गोवंशीय पशुओं की दर्दनाक मौत
अवधनामा संवाददाता

बाराबंकी। लखनऊ गोंडा रेलवे डबल लाइन पर जहाँगीराबाद रफीनगर रेलवे स्टेशन के बीच गुरुवार देर रात एक दर्जन से अधिक गोवंशीय पशुओं की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। इनमें 12 सांड व तीन गाय शामिल हैं। रेलवे लाइन के दोनों ओर क्षत विक्षत पड़े पशुओ के शवों को देखकर पुलिस को सूचना दी मौके पर पहुँची पुलिस एवं पशुपालन विभाग ने गडढा खुदवाकर शवो को दफन कराया।

जानकारी के अनुसार गुरुवार की देर रात्रि फसल रखाने गये किसानों द्वारा हाँकने पर आवारा पशु अपडाउन रेलवे लाइन के बीच आ गये। लाइन के दोनों ओर कंटीले तारो की बैरकटिंग होने के कारण पशु बाहर नही निकल पाये इसी बीच दोनो ओर से आयी ट्रेनों के बीच फंस गये हार्न बजाने के बाद भी पशु वहां भाग नही सके। दो ट्रेनों के बीच फंसे पशु ट्रेन से कट गए तो कुछ तेज टक्कर से दूर जा गिरे। हादसे में 12 सांड व 3 गायो की मौत हो गई। गोवंशीय पशुओ के मरने का पता लोगों को शुक्रवार सुबह उस समय चला जब वे अपने खेतों की ओर जाने लगे। पटरी किनारे गोवंश के अवशेष देखकर जहाँगीराबाद पुलिस को सूचना दी। ट्रेन से गोवंश के कटने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से जानकारी ली। इसके बाद पशुपालन विभाग एवं लोगों के सहयोग से पुलिस ने जेसीबी मंगाकर सभी अवशेषों को वहीं गड्ढा खुदवाकर दबवा दिया।

थानाध्यक्ष जहाँगीराबाद दर्शन सिंह यादव ने बताया कि पशुपालन विभाग से पशु चिकित्सको की आयी टीम के मेडिकल परीक्षण के उपरांत पशुओ के शवों को गड्ढा खोदकर दफन कर दिया गया है।

जहाँगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम चेचरूवा के निकट ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक गोवंशीय पशुओ की हुई अकाल मौत पर क्षेत्रीय लोगो ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में गोवंशीय पशुओ के आश्रय के लिए गौशाला होती तो बेजुबान पशुओ की अकाल मौत नही होती। क्षेत्रीय लोगो ने गौआश्रय स्थल की मांग की है।