इन्टैक ललितपुर का पर्यटन जागरुकता अभियान जारी

केन्द्रीय विधालय में छात्रों को समृद्ध विरासत का महत्व समझाया

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इन्टैक ललितपुर का पर्यटन जागरुकता अभियान जारी

अवधनामा संवाददाता

ललितपुर। इन्टैक ललितपुर चैप्टर द्वारा मनाये जा रहे पर्यटन सप्ताह के अन्र्तगत आज केन्द्रीय विधालय में पर्यटन विकास पर आयोजित गोष्ठी में छात्रों एवं उपस्थित जनों ने ललितपुर के पर्यटन को विश्व स्तर पर पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पण के साथ किया गया। मुख्य अतिथि विद्यालय के प्राचार्य एस.के.शर्मा ने कहा कि विधालय में छात्रों एवं शिक्षकों को निरंतर अपनी धरोहरों, संस्कृति तथा पर्यटन के प्रति जागरुक किया जा रहा है, ताकि वह अपनी समृद्ध विरासत को जान सकें और भविष्य में इसके संरक्षण के साथ समाज को जागरुक कर सकें। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड का गौरवशाली इतिहास रहा है जिसकी वीरता की कहानियां हम बचपन से पढ़ते आये हैं। बुन्देली लोक संस्कृति एवं पर्यटन काफी समृद्ध है और यह देशी विदेशी शैलानियों के लिए आज भी आर्कषण का केन्द्र हैं। यहां के धार्मिक स्थल भी अपनी एक गाथा समेटे हुए हैं। ऐसे में अब जरुरत है कि हम इसके महत्व को जाने और इसके संरक्षण के साथ इसके विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करें। इण्टैक संयोजक सन्तोष कुमार शर्मा ने कहा कि जनपद ललितपुर में पर्यटन की अपार संभावनायें हैं। जनपद में कई ऐसे ऐतिहासिक स्थल हैं जिनका यदि समुचित विकास के साथ प्रचार प्रसार किया जाये तो देश विदेश से लोग इन्हें देखने, इनके बारे में जानने के लिए यहां आने लगेगें। हमारी एक समृद्ध विरासत रही है यहां की लोक संस्कृति, लोकगीत, नृत्य सभी आज भी लोगों को लुभाते हैं। बुन्देलखण्ड का लोकनृत्य राई अपनी अलग ही पहचान रखता है ऐसे में जरुरत इन्हें सहेजने की है। आज की युवा पीढ़ी को इसका महत्व समझना होगा तभी हम अपनी इस विरासत को आगे ले जा सकेंगे। इस अवसर पर इण्टैक सह-संयोजक रमाकान्त तिवारी ने कहा कि हम लोग वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को अपने गौरवशाली अतीत को याद करने और उन स्मृतियों को सहेजने के लिए प्रेरित करने का कार्य करते हैं। यह कार्य किसी संस्था या सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता इसके लिए प्रत्येक देशवासी को अपना योगदान निभाने की जरुरत है। वरिष्ठ पत्रकार मनोज पुरोहित ने कहा कि पर्यटन का महत्व आजकल काफी बढ़ गया है और कई देशों की अर्थव्यवस्था में आज यह अहम योगदान निभा रहा है। हमारे देश में भी कई राज्य ऐसे हैं जो पर्यटन को अपनी आय का मुख्य स्रोत बनाये हैं। ऐसे में अब समय आ गया है कि हम भी इसे एक व्यवसाय के रुप में अपनायें जिससे यहां के लोगों के लिए रोजगार का एक नया साधन विकसित हो सके और वह अपनी आजीविका चला सकें। कार्यक्रम में इण्टैक ललितपुर चैप्टर द्वारा प्रतिभाशाली छात्रों को उनके विरासत संरक्षण के लिए दिये गये योगदान के लिए प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर केन्द्रीय विधालय के शिक्षक आर.के.त्रिपाठी, केश्वदास, रीना कृष्णन समेत तमाम शिक्षक व कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम अंत में शिक्षक चूड़ामणि ने सभी का आभार व्यक्त किया।