माघ मेले में लगातार बढ़ रहा कोरोना का खतरा, सरकारी अमला कर रहा आंकड़ों की बाजीगरी?

आठ लाख श्रद्धालुओं में से सिर्फ साढ़े चार हजार की ही थर्मल स्क्रीनिंग की गई थी. यानी एक फीसदी लोगों की भी थर्मल स्क्रीनिंग तक नहीं की जा सकी.
 
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माघ मेले में लगातार बढ़ रहा कोरोना का खतरा, सरकारी अमला कर रहा आंकड़ों की बाजीगरी?
अवधनामा संवाददाता 


प्रयागराज :   प्रयागराज के माघ मेले में कोरोना के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं. यहां तीन और लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. तीन और संक्रमित सामने आने के बाद यहां एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 72 हो गई है. हालांकि सरकारी अमला आंकड़ों की बाजीगरी के जरिए कोरोना का ज्यादा असर नहीं होने का दिखावा कर रहा है और लोगों को गुमराह करने की कोशिश में लगा हुआ है.

जांच के आंकड़े मेला प्रशासन नहीं दे रहा
प्रयागराज के माघ मेले में कल पहले दिन मकर संक्रांति के मौके पर तकरीबन आठ लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी. इन आठ लाख श्रद्धालुओं में से सिर्फ साढ़े चार हजार की ही थर्मल स्क्रीनिंग की गई थी. यानी एक फीसदी लोगों की भी थर्मल स्क्रीनिंग तक नहीं की जा सकी. कोविड की जांच कितने लोगों की की गई, मेला प्रशासन यह आंकड़े नहीं दे रहा है. उसकी तरफ से सिर्फ 3 लोगों के संक्रमित होने की ही जानकारी दी गई है.

कल पाए गए 403 संक्रमित
प्रयागराज जिले में रोजाना पूरे दिन में की गई जांच और संक्रमित हुए लोगों की संख्या मीडिया को दी जाती हैं, लेकिन मेला प्रशासन की तरफ से ऐसे कोई भी आंकड़े ना तो जारी किए जाते हैं और ना ही जिम्मेदार अधिकारी पूरे आंकड़े पूछने पर बताते हैं. जिले में कल शुक्रवार को साढ़े सात हजार के करीब लोगों की जांच की गई थी, जिनमें से 402 लोग संक्रमित पाए गए थे. मेले में आने वाले 8 लाख श्रद्धालुओं में से कितने की जांच की गई, जिनमें तीन संक्रमित पाए गए, यह आंकड़ा मेला प्रशासन ने नहीं दिया है.

कोरोना को लेकर लापरवाही
जाहिर है आंकड़े छिपाकर सच पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है. साफ कहा जा सकता है कि सरकार ने आस्था के मेले के नाम पर यहां लाखों की भीड़ तो इकट्ठा कर ली, लेकिन इस भीड़ को कोरोना के संक्रमण से बचाने के कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए और लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आज दूसरे दिन सुबह के वक्त जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम की तरफ जा रहे थे तो हमने मेले के सबसे बड़े एंट्री प्वाइंट काली सड़क तिराहे पर रियलिटी चेक की.

आधे लोग बिना  मास्क
यहां ना तो कोई कोविड हेल्पडेस्क बनी हुई है और ना ही किसी के कोविड वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट और नेगेटिव आरटी पीसीआर रिपोर्ट की जांच की जा रही है, जबकि मेला प्रशासन ने एंट्री के लिए इन दोनों ही चीजों को जरूरी बताया था. मेला प्रशासन की सजगता और जागरूकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब भी तकरीबन आधे लोग बिना मास्क पहने ही मेला क्षेत्र में इंट्री कर रहे हैं.