किसी भी स्तर पर विकास की धारा को रूकने नहीं दिया जायेगा: अपर मुख्य सचिव

कार्यों में लापरवाही के चलते पीओ डूडा को कारण बताओ नोटिस

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किसी भी स्तर पर विकास की धारा को रूकने नहींदिया जायेंगा: अपर मुख्य सचिव
अवधनामा संवाददाता 

सहारनपुर। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग एवं जनपद के नोडल अधिकारी डॉ0 रजनीश दुबे ने कहा  कि किसी भी स्तर पर विकास की धारा को रूकने नहीं दिया जायेंगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेंगी। उन्होंने परियोजना अधिकारी डूडा के कार्यप्रणाली में लापरवाही पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस के साथ उनके विरूद्ध जांच कर मुख्य विकास अधिकारी को चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए। उन्होने पीओ डूडा को 30 नवम्बर तक अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए कार्यों में अपेक्षित गति लाने के निर्देश दिए। उन्होने गोल्डन कार्ड बनाने के कार्य में भी तेजी लाये जाने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि नवम्बर माह में 60 से अधिक आयु तथा 44 से 59 वायुवर्ग के व्यक्तियों का कोविड टीकाकरण शत प्रतिशत पूरा किया जाए। उन्होने कहा कि 15 दिन के अन्दर शत-प्रतिशत रैन बसेरे क्रियाशील किए जाएं। गोआश्रय स्थलों में गोवंश को सर्दी से बचाने के सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं। जनपद के गरीब व्यक्तियों को सर्दी से बचाने के लिए अलाव और कम्बल वितरण की सभी तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होने लोक निर्माण विभाग निर्माण खण्ड के अधिशासी अभियन्ता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से जुडे रेहडी ठेले वालों को योजना की द्वितीय किश्त से आच्छादित करने के निर्देश दिए।

डॉ0 रजनीश दुबे आज सर्किट हाउस सभागार में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले विकास कार्यों तथा 50 लाख रूपए से अधिक की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण के लिए स्थल चयन नहीं हुआ है उनमें उप जिलाधिकारियों के सहयोग से 01 सप्ताह में स्थल चिन्हित किया जाना सुनिश्चित करें। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन पंचायत भवनों को शीघ्र ही पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। यदि ग्राम पंचायत सचिव के कार्यांे में लापरवाही बरती जाती है तो संबंधित के विरूद्ध कडी कार्यवाही की जाए। उन्होने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि पंचायती राज विभाग द्वारा रिबोर होने वाले हैण्डपम्पों की रैण्डम आधार पर चौकिंग की जाए। उन्होने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर अनुपस्थित चिकित्सकों का वेतन काटते हुए विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के लिए प्रबल संस्तुति की जाए। उन्होने निर्देश दिए कि नवम्बर माह के अन्त तक नगर निगम क्षेत्र में बनने वाले 03 वेंडिंग जोन का कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। साथ ही नगर निगम क्षेत्र में बनने वाले सोलिड वेस्ट मेनेजमेंट प्लांट का 10 दिन के अन्दर शासनादेश कराकर कार्य प्रारम्भ किया जाए। उन्होने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ताओं को निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग की समस्त सडकों के गडढामुक्ति का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करें। उन्होने निर्देश दिए कि जो नये 32 गांव नगर निगम और अन्य नगर पालिका क्षेत्रों में जुडे है उनमें प्रकाश की व्यवस्था और प्रतिदिन कूडा उठाने के लिए गाडी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अपर मुख्य सचिव, नगर विकास ने कहा कि अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रत्येक अधिशासी अधिकारी से 30 नवम्बर तक यह प्रमाण पत्र ले लें कि उनके क्षेत्र की सभी सडकें गड्ढामुक्त हो गयी है। उसके बाद सत्यापन कर यदि किसी अधिशासी अधिकारी के कार्य में लापरवाही पायी जाती है तो उसके विरूद्ध कडी कार्यवाही की जाए। उन्होने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में विद्युत चोरी हो रही है और उपभाक्ताओं को गलत बिल दिए जा रहे है उस क्षेत्र के अवर अभियन्ताओं के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले आवासों में शीघ्रता से और गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होने स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं से संबंधित ऋण पत्रावलियों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए और कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोडकर आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार किया जाए।बैठक में जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, नगर आयुक्त ज्ञानेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ0 अर्चना द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश मिश्र तथा संबंधित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।