बकाया अदायगी से बचने को गढ़ी गई थी फर्जी लूट की घटना

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बकाया अदायगी से बचने को गढ़ी गई थी फर्जी लूट की घटना

अवधनामा संवाददाता 

बाराबंकी (Barabanki)। हैदरगढ़  कोतवाली क्षेत्र में तीन दिन पूर्व स्वर्णकार भाइयों के साथ हुई लूट की घटना फर्जी निकली। बकाया की अदायगी से बचने के लिए दोनों ने योजना बनाई थी। पुलिस ने दोनों भाइयों व एक अन्य युवक को गिरफ्तार कर लिया। 

बताते चलें कि दिलीप कुमार सोनी पुत्र ठाकुर प्रसाद सोनी निवासी ग्राम लाही थाना हैदरगढ़ ने थाना पर सूचना दिया कि वह अपनी ज्वैलर्स की दुकान नेरथुआ मोड़ से बन्द करके अपने भाई दीपक कुमार सोनी के साथ घर के लिए निकला और रास्ते में शराब के ठेके से आगे आने पर 03 अज्ञात प्लेटिना सवार व्यक्तियों ने पीछे से आकर धक्का दे दिया और गोली चला दी तथा उसके भाई दीपक सोनी से बैग छीन कर रायबरेली की तरफ भाग गये। बैग में 25 जोड़ी बिछिया, 02 लाकेट व 50 पीस नाक की कील तथा 50 हजार रूपये नकद रखे थे।

आज पुलिस लाइन के सभागार में इस अनावरण की जानकारी दी गई। क्षेत्राधिकारी हैदरगढ़ नवीन सिंह के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों द्वारा अथक प्रयास कर घटना के अनावरण करने का प्रयास किया जा रहा था। तो भौतिक एवं डिजिटल साक्ष्याधार पर लूट की घटना फर्जी पायी गयी और लूट की धारा निरस्त कर धोखाधड़ी की धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई। अभियुक्त दिलीप कुमार व दीपक कुमार सोनी पुत्रगण ठाकुर प्रसाद सोनी निवासी ग्राम लाही थाना हैदरगढ़ को गिरफ्तार किया गया।

थाना हैदरगढ़ पुलिस टीम द्वारा घटना की जांच से प्रकाश में आया कि वादी दिलीप सोनी की कोई स्थायी दुकान नहीं है। यह लोग अपने ही परिवार के पिन्टू सोनी व आर0के0 ज्वैलर्स हैदरगढ़ से ज्वैलरी लेकर लोगों को बेचते है। इसी बीच दिलीप सोनी ने पिन्टू सोनी से ज्वैलरी, आर0के0 ज्वैलर्स से 75 सौ रूपये व रंजीत गुप्ता पुत्र सन्तोष गुप्ता निवासी शाहपुर थाना शिवगढ़ जनपद रायबरेली से 14 हजार रूपये नकद लिया था। नकद रूपये व ज्वैलरी न देने के लिए इनके द्वारा प्लान बनाया गया, जिसके तहत गोली मार कर लूट की घटना होना बताया गया था।