समृद्ध है ललितपुर की विरासत: भूपेन्द्र जैन

इन्टैक की पयर्टन पर आधारित चित्र प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाया हुनर

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समृद्ध है ललितपुर की विरासत: भूपेन्द्र जैन

अवधनामा संवाददाता  

ललितपुर। इन्टैक ललितपुर चैप्टर द्वारा स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने और यहां के पर्यटन स्थलों को विष्व स्तरीय पहचान दिलाने के लिए पर्यटन सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत रावर इण्टर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को स्थानीय दर्षनीय स्थलों के बारे में बताया गया साथ ही उनको संरक्षित करने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम का षुभारंभ मां सरस्वती के चरणों में पुश्प अर्पण के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उद्योगपति भूपेन्द्र जैन ने कहा कि हमारे आस-पास कई पुरातन धरोहरें मौजूद हैं हमें न सिर्फ उनके बारे में जानना है बल्कि उनको संरक्षित करने और अपनी भावी पीढ़ी को उसका महत्व बताना है। उन्होनें कहा कि आज देश में हर क्षेत्र में बेटियां पुरुशों के साथ कदमताल कर रहीं हैं। जीवन के हर क्षेत्र में कार्य करते हुए देष का गौरव बढा रहीं हैं। आज बात चाहे ट्रेन चलाने की हो या फिर फिर हवाई जहाज उड़ाने की सभी में बेटियों ने अपना लोहा मनवाया है। आगरादिल्ली जैसे कई स्थानों पर टूरिस्ट गाइड के रुप में लोगों को पर्यटन का महत्व समझाती बेटियों का आज कोई सानी नहीं है। ऐसे में आप सभी को उनसे प्रेरित होकर इसका महत्व समझने की जरुरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इण्टैक संयोजक सन्तोश कुमार षर्मा ने कहा कि हमारी संस्था समूचे देष में अपनी धरोहरों को सहेजने के साथ लोगों को जागरुक करने का कार्य कर रही है। संस्था द्वारा जनपद का दायित्व हमें सौंपा गया है जिसके अन्तर्गत हम पर्यटन सप्ताह के रुप में विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से युवा पीढ़ी को जागरुक करने का प्रयास कर रहे हैं। युवा पीढ़ी को आज इसका महत्व समझना चाहिए। हमारी प्राचीन सभ्यता कितनी समृद्ध थी इसे विभिन्न पर्यटन स्थलों के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपनी इन अमूल्य धरोहरों का न केवल संरक्षण करें बल्कि इनका व्यापक प्रचार प्रसार भी करें। कार्यक्रम में बोलते हुए जानेमाने कलाविद् ओमप्रकाश बिरथरे ने कहा कि प्राचीन स्थल हमें हमारे गरिमामयी इतिहास को तो बताते ही हैं साथ ही वह हमारी प्राचीन उन्नत सभ्यता को भी दर्षाते हैं। हजारों वर्शों के बाद भी समय के थपेड़ों को झेलते हुए यदि आज भी यह सुरक्षित हैं यह एक बड़ी उपलब्धि है। आज की युवा पीढ़ी को इनसे सीखने और इस क्षेत्र में कुछ और बड़ा करने की जरुरत है। इस दौरान मनमोहन जडिय़ा व डा.दीपक चौबे ने कहा कि हमारी पहचान हमारी संस्कृति है जिसे बड़े ही परिश्कृत रुप में हमारे पूर्वजों ने हमें सौंपा है। स्थानीय स्तर पर ऐसी कई लोकपरम्परायें रहीं हैं जो हमें गौरव की अनुभूति कराती हैं। उन्होंने उपस्थित छात्राओं से नारी सुआटा के बारे में पूछा तो एक साथ कई छात्राओं ने बड़ी ही गर्मजोषी के साथ उत्तर दिया। कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं से पर्यटन का महत्व जानने और अपने आस पास के पुरातात्विक स्थलों की सुरक्षा करने का आवांहन करते हुए प्राचार्य नमिता गुप्ता ने कहा हम सभी का मन एक विषेश रुटीन से ऊब जाता है। लिहाजा हम सभी जीवन में कुछ बदलाव चाहते हैं। पर्यटन न केवल हमें एक रोमांच प्रदान करता है बल्कि हमारे जीवन में एक नई उर्जा का संचार भी करता है। लिहाजा हम सभी को कुछ अंतराल के बाद छोटी बड़ी यात्रा करते रहना चाहिए। कार्यक्रम में वरिश्ठ पत्रकार मनोज पुरोहितफिरोज इकबालशिक्षक रुपम सिंहशिमला राठौरहर्शिता संज्ञालक्ष्मी सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त करते हुए समाजसेवी मनमोहन जडिया ने उपस्थित जनों से अपने आस पास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने और पर्यटन स्थलों की देखरेख में अपना योगदान देने की अपील की।