अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर के पिता के रिटायर्ड होते ही कंधों बढ़ा बोझ :-

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अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर के पिता के रिटायर्ड होते ही कंधों बढ़ा बोझ :- 

अवधनामा संवाददाता 

 सोनभद्र (Sonbhadra) लगभग 7 वर्षों से रोजगार के लिए भटक जनपद सोनभद्र के अनपरा के रहने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी लव वर्मा के पिता बाबू लाल वर्मा 31 अगस्त को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड अनपरा तापीय परियोजना सोनभद्र से सेवानिवृत्त हो गए इनके सेवानिवृत्त होते ही अब लव वर्मा के कंधों पर और भी बोझ बढ़ गया है । पिता बाबू लाल वर्मा ने 33 वर्षों तक अनपरा तापीय परियोजना में अपनी सेवा दी । देर शाम लव वर्मा की आंखें भी नम हो गईं जब पिता सेवानिवृत्त होकर घर लौटे । अब बड़ा प्रश्न ये है कि अब इस दिव्यांग खिलाड़ी का कौन बनेगा सहारा । अब तक पिता के सहारे बड़ी मुश्किल से अपना गुजारा कर रहे थे, 2017 में पिता ने कहा भी था कि देश के लिए खेलने और एशिया कप जीत के आने के 3 साल बाद भी कोई नहीं पूछ रहा अब क्रिकेट छोड़ दो ये राजनीति कभी भला नहीं करने देगी लेकिन लव वर्मा को पूरा विश्वास था कि ये हमारा अधिकार है और आपके रिटायर्ड होने में अभी 4 वर्ष है उससे पूर्व मैं दिव्यांग/खेल से रोजगार पा लूँगा लेकिन 3 से 7 वर्ष भी बीत गए लेकिन पिता की उम्मीदों पर खड़ा न उतर सका । पिता अब रिटायर्ड होने के बाद अब अपने पैतृक आवास कुशीनगर चले जायेंगे लेकिन अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर सोनभद्र में भी रहना चाहते हैं क्योंकि जन्म होने के साथ ही उनका क्रिकेट जीवन यहीं से शुरू हुआ था और वे जो 7 वर्षों से रोजगार के लिए भटक रहे उसे जीत में तब्दील कर के ही दम लेना चाहते हैं । अभी तक रोजगार के साथ ही अब लव वर्मा को रहने के लिए छत की भी आवश्यकता आ पड़ी है पिता के जाने के बाद मुश्किलें अब कम होने का नाम नहीं ले रही हैं । आवास के लिए लव वर्मा ने अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक, सोनभद्र के जिलाधिकारी को पत्र लिखा है । बता दें कि लव वर्मा दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया ( नीति आयोग, भारत सरकार से संबंधित ) द्वारा संचालित भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के उपकप्तान हैं । इन्होंने सांसद, 2 विधायक, जिलाधिकारी माध्यम द्वारा जनपद की ओदौगिक इकाईयों को पत्र लिखा,ऊर्जा राज्य मंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री जी को पत्रक सौंप चुके हैं इन सब के बाद भी कोई सुध लेने वाला नहीं है । 

अब बेरोजगार अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर लव वर्मा के कन्धों पर बोझ के बढ़ने के साथ ही इनके पिता के कुशीनगर जाने के बाद आखिर कौन बनेगा सहारा और कितना आश्वासन इस खिलाड़ी । लव वर्मा सोनभद्र में रहकर यहां के बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे ले जाना चाहते हैं किंतु उनके पास जीविका का साधन न होने के कारण उनकी स्थिति दयनीय ही रही है । लव वर्मा ने मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया है कि दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी भी देश के लिए ही खेलते हैं, हमारे संविधान में सभी को एकसमान अधिकार दिया गया है तो हम दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों के साथ भेदभाव क्यों ? हम रुपयों की मांग नहीं कर रहे सिर्फ जीविका का साधन मांग रहे हैं जिससे हमारा भी अपने दम पर पेट भर सकें और पूरे तन मन के साथ देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके ।