अपराधियों और माफियाओं के विरूद्ध कठोर कार्यवाहीकी जाए: नोडल अधिकारी

भू माफियाओं को चिन्हित कर उनकी सम्पत्ति जब्त कर गैंगस्टरमें कार्यवाही की जाए: डॉ. रजनीश दूबे

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अपराधियों और माफियाओं के विरूद्ध कठोर कार्यवाहीकी जाए: नोडल अधिकारी

अवधनामा संवाददाता 

सहारनपुर(Saharanpur)। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, नगर विकास एवं जनपद के नोडल अधिकारी रजनीश दूबे ने कहा कि अपराधियों और माफियाओं के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। जनपद के 03 बडे भूमाफियाओं को चिन्हित कर उनके विरूद्ध गैंगस्टर की कार्यवाही करते हुए सम्पत्ति जब्त की जाए। उन्होने कहा कि अवैध शराब बनाने तथा हरियाणा से लाकर अवैध रूप से शराब बेचने वालों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि खनन और ड्रग का अवैध कारोबार करने वाले माफियाओं को भी चिन्हित कर उनके विरूद्ध कठोर दण्ड़ात्मक कार्यवाही की जाए। उन्होने निर्देश दिए कि पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी स्वयं थानों में जाकर स्थिति को देखें तथा जनता से भी फीडबैक लें। उन्होने कहा कि कानून व्यवस्था से छेड़छाड़ करने की अनुमति किसी भी स्तर पर नही दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि गम्भीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध एन.एस.ए., गुण्डा एक्ट और गैंगस्टर के तहत कार्रवाही की जाए। कोई भी माफिया या अपराधी खुले न घूमने पायें।

रजनीश दूबे ने आज सर्किट हाउस सभागार में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होने कहा कि महिला अपराधों के प्रति कठोर कार्रवाही की जाए। उन्होंने कहा कि महिला और बच्चियों के विरूद्ध अपराध करने वालों को चिन्हित कर दण्ड़ित किया जाए। उन्होने कहा कि यदि कानून व्यवस्था सुदृढ हो और विकास के कार्य सही तरीके से किए जाएं तो प्रति व्यक्ति आय निश्चित रूप से बढेगी और देश का विकास होगा। उन्होने कहा कि जिन गावों में चकबन्दी का कार्य चल रहा है उनकी अलग से समीक्षा की जाएं। उन्होने कहा कि जेल में कोविड प्रोटोकाल का कडाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। गंभीर एवं जघन्य मामलों में मजिस्ट्रीय जांच अवश्य कराई जाए।

नोडल अधिकारी ने कहा कि सुरक्षित शहर के अन्तर्गत लगने वाले सीसीटीवी कैमरों को शीघ्रता से क्रियाशील किया जाएं तथा यह भी ध्यान दिया जाए कि कार्यों का दोहरीकरण न हो। उन्होने कहा कि स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत लगने वाले वाई-फाई के संचालन संबंधी कार्यवाही शीघ्रता से की जाए। उन्होने कहा कि ग्राम प्रहरियों को भी सक्रिय रखा जाए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनिश्चित करें कि किसी भी पीड़ित के साथ थानों में अमानवीय व्यवहार न होने पायें।बैठक में जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 एस.चन्नप्पा, नगर आयुक्त ज्ञानेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डॉ0 अर्चना द्विवेदी, एसपी सिटी राजेश कुमार, एसपी देहात अतुल शर्मा, जेल अधीक्षिका श्रीमती अमिता दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।