स्कूली बच्चों को आजादी का अमृत महोत्सव विषय पर रोचक व ज्ञानवर्धक तरीके से किया गया जागरूक

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स्कूली बच्चों को आजादी का अमृत महोत्सव  विषय पर रोचक व ज्ञानवर्धक तरीके से किया गया जागरूक। 
अवधनामा संवाददाता हिफजुर्रहमान 

 हमीरपुर :आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उत्सव को देश भर में आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। मंगलवार को इसी क्रम में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के क्षेत्रीय लोकसंपर्क ब्यूरो, बांदा, द्वारा शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्कूली बच्चों को ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ विषय पर रोचक व ज्ञानवर्धक तरीके से जागरूक किया गया। 

साथ ही भारत की आजादी के अमृत महोत्सव के बारे में विद्यार्थियों व शिक्षकों संग परिचर्चा भी की गई। इस अवसर पर विभाग द्वारा एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन कर सही जवाब देने वाली 25 बालिकाओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही देश की आजादी के महत्व को बच्चों को जादू के करतबों के माध्यम से भी बताया गया। 

कार्यक्रम में अपने संबोधन में क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी गौरव त्रिपाठी ने कहा कि आजादी की प्रथम लड़ाई जो 1857 में लड़ी गई उसमें बुंदेलखंड का एक विशेष महत्व है। बुंदेलखंड की इस धरती पर महान क्रांतिकारियों ने दृढ़ता से अंग्रेजों का मुक़ाबला किया। जो आगे चलकर आजाद भारत के निर्माण में सहायक हुई। 

देश की नई पीढ़ी को महान क्रांतिकारियों के बारे में न सिर्फ जानना चाहिए बल्कि उनके अमर बलिदान के बारे में पढ़ना भी चाहिए। ऐसे अनगिनत क्रांतिकारी इस वीर बुंदेलखंड की भूमि में पैदा हुए। जिन्होने अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया व उन्हें खदेड़ दिया।  

साथ ही क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी ने कहा कि इतिहास के अनुसार चाहे 1905 का एंटी पार्टीशन आंदोलन हो या 1920 में शुरू हुआ असहयोग आंदोलन, सभी में हमीरपुर के बहादुरों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और अंग्रेजों का डट कर विरोध किया। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अभय सागर ने कहा कि स्वतंत्रता हमें विरासत में मिली है। हमारे देश के महान क्रांतिवीरों ने अपने प्राणों की आहुति दे हमें स्वतंत्र देश में जीने का अधिकार दिलाया। हमारी सबकी यह ज़िम्मेदारी है कि हम उन क्रांतिवीरों के बारे में भी जानें जो अपने प्राणों के बलिदान के बाद भी देश में ज्यादा जाने नहीं गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की मंशा है कि एक सशक्त देश का निर्माण हो। उनके मार्गदर्शन में देश नित नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। हमारे कल के भारत का जो निर्माण हो रहा है उसमें सभी जानेंगे कि एक देश सर्वांगीण रूप से आगे सभी के योगदान से बढ़ता है। हमारा स्वतंत्रता आंदोलन सफल रहा हमारे महानायकों की एकजुटता से।   

कार्यक्रम में विभाग के पंजीकृत जादूगर बौद्ध विलास एंड पार्टी द्वारा बच्चों को जादू के हैरत अंगेज़ करतबों के माध्यम व संवाद से आजादी के अमृत महोत्सव के महत्व के बारे में मनोरंजक ढंग से बताया गया।   

अपने संबोधन में विद्यालय की प्रधानाचार्या सरस्वती देवी ने कहा कि आजादी के इस महोत्सव में युवा पीढ़ी को अपने महान क्रांतिकारियों के बलिदान और संघर्षों के बारे में अवश्य जानना चाहिए। साथ ही कहा कि छात्राओं व सभी लोगों को अपने देश के आजादी के आंदोलन के अमर शहीदों के बारे में अवश्य जानना चाहिए, जिनकी वजह से आज हम एक स्वतंत्र जीवन जी पा रहे हैं। 

कार्यक्रम में हुई प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता की विजेता छात्राएँ हैं अनामिका सिंह, आरती देवी, आकांक्षा, निशा देवी, दिया, अवंतिका, कोमल, चावली, आकांक्षा, अनुप्रिया, निशा, मधु, ज्योति, साक्षी सचान, गरिमा तिवारी, किरण, जया द्विवेदी, आकांक्षा देवी, महक भारती, पलक सविता, सलोनी, अनुभवी गौतम, शलिनी, अंशिका सचान और रश्मि। 

इस जन-जागरूकता कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित लोग थे शिव बरन, सहायक सूचना अधिकारी, विभाग के तकनीकी सहायक अशोक कुमार विश्वकर्मा, विद्यालय की अध्यापिकाएं आरती सक्सेना, प्रेरणा सिंह, वंदना खरे व अन्य।