संस्कृत ग्रंथों में भरा है विज्ञान का भंडार

संस्कृत केवल पूजा पाठ की ही भाषा नहीं अपितु समस्त ज्ञान विज्ञान का भंडार है

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संस्कृत ग्रंथों में भरा है विज्ञान का भंडार
अवधनामा संवाददाता

सीतापुर।संस्कृत केवल पूजा पाठ की ही भाषा नहीं अपितु समस्त ज्ञान विज्ञान का भंडार भी है । जंतु विज्ञान वनस्पति विज्ञान जीव विज्ञान रसायन विज्ञान भौतिक विज्ञान  रत्न विज्ञान समुद्र विज्ञान के साथ-साथ ब्रह्मांड के सारे रहस्यों को जानने के लिए संस्कृत पढ़ना अनिवार्य है संस्कृत के बिना ब्रह्मांड के रहस्य को जानना अत्यंत ही कठिन है यह उद्गार संस्कृत भारती द्वारा  नैमिषारण्य के कालीपीठ में आयोजित सप्त दिवसीय आवासीय संस्कृत भाषा बोधन वर्ग मेंं संस्कृत भारती के प्रांत मंत्री डॉ ओंकार नारायण भारद्वाज ने व्यक्त किए। इस वर्ग के पांचवे दिन संस्कृत विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्षा सरला देवी ने दीप प्रज्वलन करके एवं वदतु संस्कृतम् जयतु संस्कृतम् का उद्घोष करके किया। मुख्य अतिथि सरला देवी ने जन सामान्य से संस्कृत पढ़ने का आग्रह करते हुए समाज को सुसंस्कृत बनाने का आह्वान किया ।प्रांत संगठन मंत्री डॉ गौरव नायक ने संस्कृत भारती के सांगठनिक संरचना एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि धन पदवी कृति आकांक्षाओं के बिना उत्तम लक्ष्य को लेकर चलने वाले परस्पर एक दूसरे पर विश्वास एवं स्नेह करते हुए कार्य करने वाले सुसंस्कृत व्यक्तियों का समूह ही संगठन होता है ।वर्ग में शिक्षक के रूप में विभाग संयोजिका मीना कुमारी शिक्षण प्रमुख डॉक्टर अनिल कुमार पूजा बाजपेई शालिनी दीक्षित सविता मौर्या सहित अन्य शिक्षकों ने विविध प्रकार से प्रशिक्षण दिया।