मरौली में रास्ते का विवाद , कभी भी हो सकता है खूनी संघर्ष

पुलिस और प्रशासन की ढीलाढाली से ग्रामीणो मे रोष बढा

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मरौली में रास्ते का विवाद , कभी भी हो सकता है खूनी संघर्ष

अवधनामा संवाददाता 

बाँदा  जनपद मे लगभग आधा दर्जन से अधिक मौरंग खदाने संचालित हो चुकी हैं और कृषि भूमि पर नाजायज कब्जे होनेभी होने शुरू हो गये हैं इससे लाचार ग्रामीणों ने आवाज बुलंद करना शुरू कर दी है जिसे मरौली खंड संख्या तीन और मरौली खंड संख्या चार के संचालकों के गुर्गे बंदूक की नोक पर और पैसों की खनक से दबा रहै हैं ।मरौली खंड संख्या तीन और चार मे जब से खंड की शुरुआत हुयी है तभी से रास्ते का विवाद झगडे की जड बना है ।

मरौली मे बालू की लगभग चार खदाने अभी संचालित हो रही हैं जिसमे लगभग पांच सौ ट्रक प्रतिदिन मौरंग का परिवहन करते हैं , इन सैकडो ट्रकों की निकासी और उन्हे सुरक्षित पक्के रास्ते तक भेजना खदान संचालकों की जिम्मेदारी होती है इसीलिये मौरंग व्यवसायी अपने अपने खंडों तक ट्रको को लाने और निकालने के लिये पैसों की दम पर किसान से उसकी भूमि किराये पर लेकर रास्ता बनाते हैं और जो किसान पैसो से नही मानते हैं उन्हे बंदूक की दम पर शांत कर दिया जाता है । इन सभी खदानों मे लाईसेंसी असलहों के साथ साथ भारी मात्रा मे नाजायज असलहों का भी प्रयोग होता है । 

अभी हाल ही के दिनों मे दीपावली से पूर्व रास्ते का विवाद जब बढ गया तो किसानों ने पुलिस बुला ली जिससे मौरंग व्यवसायियों को थोडी परेशानी हुयी एक दो दिन ट्रको की निकासी भी नही हुयी परंतु फिर अचानक सब कुछ मैनेज हो गया और किसानो के खेतो मे जबरिया रास्ता बना दिया जिससे वो अपनी फसल भी नही बो पा रहे हैं और उनके सामने जीविकोपार्जन का संकट भी खडा हो गया है ।

कृषक इंद्रपाल निवासी मरौली ने बताया कि उसकी जमीन पर मौरंग संचालक जबरिया रास्ता बना रहे हैं जबकि राजस्व की टीम ने निरीक्षण मे वास्तविक नाप मे इंद्रपाल कृषक की जमीन ही बतायी है परंतु फिर भी मरौली तीन के संचालक जबरिया उसके खेत से ट्रक निकाल रहे हैं ।